'बेटी ने कभी उत्पीड़न के बारे में नहीं बताया, नहीं तो मैं खुद...',एसिड सर्वाइवर के माता-पिता ने क्यों कहा ऐसा
दिल्ली की 17 साल की एसिट अटैक पीड़िता का चेहरा सात से आठ फीसदी जल गया है और उसकी आंखें भी प्रभावित हुई हैं। फिलहाल वह अस्पताल में एडमिट है।

Delhi acid attack: दिल्ली के द्वारका के मोहन गार्डन इलाके में 17 वर्षीय एसिड अटैक सर्वाइवर के माता-पिता ने कहा कि उन्हें किसी भी बात यानी छेड़खानी या उत्पीड़न के बारे में कुछ नहीं पता था। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि पीड़िता का आरोपी के साथ रिश्ता था और दोनों को 3 महीने पहला ब्रेकअप हुआ था। ब्रेकअप के बाद से पीड़िता ने आरोपी से बात करना बिल्कुल बंद कर दिया था, जिसके बाद आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया। 17 वर्षीय एसिड अटैक सर्वाइवर के पिता ने कहा कि अगर उनकी बेटी ने उन्हें कभी भी किसी बात छेड़खानी या उत्पीड़न के बारे में नहीं बताया था और उन्हें उसके बारे में पता नहीं था।

'अगर मुझे पता होता था तो मैं खुद बेटी को स्कूल छोड़ने जाता...'
पिता ने कहा कि अगर उन्हें किसी भी इस तरह की बात की अंदेशा तो या किसी भी अनहोनी का शक होता तो वह खुद केयर करते हैं। वे खुद बेटी की देखभाल करते और उसे स्कूल छोड़ देते। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि पिता ने कहा कि उसके पास कोई सुराग नहीं था कि ऐसा कौन कर सकता है और उसने जोर देकर कहा कि उसकी बेटी ने कभी किसी उत्पीड़न की शिकायत नहीं की।

'अपनी बहन के साथ स्कूल के लिए निकली थी पीड़िता...'
पीड़िता के पिता रबर स्टैंप का कारोबार करते हैं और एक प्रॉपर्टी डीलर भी हैं। जबकि उसकी मां एक हाउस वाइफ थे। पीड़िता तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं, जिनमें एक 12 साल की बहन और एक सात साल का भाई शामिल है। पीड़िता के पिता ने कहा, अपनी बहन के साथ अपने स्कूल के लिए अपने पश्चिमी दिल्ली के घर से निकलने के कुछ मिनट बाद, लड़की पर दो नकाबपोश बाइक सवार लोगों ने एसिड से हमला किया था।
पीड़िता ने कहा, ''मेरी बेटी 14 दिसंबर सुबह 7.30 बजे घर से निकली। जैसे ही वह सड़क पार कर रही थी, उस पर हमला किया गया। उसके घर से निकलने के छह से सात मिनट के भीतर ही यह घटना हो गई। मेरी सबसे छोटी बेटी उसके साथ गई थी और फिर दौड़कर आई थी।''

'चिल्ला रही थी मेरी बेटी...आसपास के लोगों ने बताया...'
पीड़िता की मां ने कहा, ''मेरी छोटी बेटी दौड़ती हुई आई और अपने पापा के बारे में पूछे लगी, वो रोए जा रही थी... वह वह समझा नहीं सकी और रोने लगी, और अपने पिता को साथ चलने के लिए कहा। हम वहां पहुंचे तो बेटी ने बताया अचानक मोटरसाइकिल पर दो आदमी आए और उस पर (बड़ी बहन) पर तेजाब फेंक दिया। वह मदद के लिए पास की दुकानों की ओर दौड़ी। दुकानदारों में से एक ने उसके चेहरे पर थोड़ा दूध भी डाल दिया। वह मदद के लिए चिल्ला रही थी।''

'हमें पहले कभी उत्पीड़न की किसी घटना के बारे में पता नहीं था...'
पीड़िता के चाचा ने कहा, ''उसके माता-पिता ने सुबह से कुछ नहीं खाया है। हमें पहले कभी उत्पीड़न की किसी घटना के बारे में पता नहीं था। अगर कुछ होता तो वह अपने पिता के साथ जरूर साझा करती। वह घर में सारी बातें बताती हैं वह घरवालों के बहुत करीब है।''












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