• search

#CPCForBankers: मोदी सरकार के खिलाफ खड़े हो गए देशभर के बैंकर्स, बोले- भीख नहीं हक चाहिए

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    दिल्ली। बुधवार को को देशभर के बैंककर्मी अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में इकट्ठा हुए। दिल्ली में बैंककर्मियों द्वार ये उग्र आंदोलन संसद की पार्लियामेंट शाखा के बाहर किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान देशभर से कम से कम एक हजार बैंककर्मी जमा हुए और सरकार की तथाकथित मनमानी और यूनियन की दमनकारी नीति के खिलाफ आंदोलन किया। इस आंदोलन में दूरदराज की बैंक शाखाओं से आए कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। आंदोलन का परिणाम ये हुआ कि आंदोलन के दौरान वित्त मंत्रालय की ओर से वी बैंकर्स (बैंकों के संगठन) को फोन कर बातचीत के मंच पर आमंत्रित किया गया।

    देशभर के बैंक कर्मचारियों का मिला सहयोग

    देशभर के बैंक कर्मचारियों का मिला सहयोग

    'आई एम बैंकर एंड आई एम अंडर पेड' (I am banker I am underpaid) लिखा बैनर व टीशर्ट पहन देशभर के बैंककर्मी संसद की एसबीआई शाखा पहुंचे और अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बुधवार मार्च को होने वाले इस विरोध प्रदर्शन को देशभर के बैंक कर्मचारियों का सहयोग मिला है। बैंकों में ट्रांसफर से लेकर लंबे वर्किंग आवर और सेंट्रल पे कमीशन के मुताबिक सैलरी ना मिलने को लेकर देशभर के बैंकर्स सड़कों पर उतरे।

    वी बैंकर्स एसोसिएशन ने बोला सरकार पर हमला

    वी बैंकर्स एसोसिएशन ने बोला सरकार पर हमला

    वी बैंकर्स एसोसिएशन के बैनर तले यह विशाल जन प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसमें बैंक कर्मचारियों ने अपने साथ हो रहे अन्याय को लेकर आवाज बुलंद की। वी बैंकर्स एसोसिएशन का कहना था कि नीरव मोदी पैसा लेकर भाग गया और पकड़ा गया सिर्फ एक बैंककर्मचारी। क्या ये किसी से छुपा है कि ये इतने बड़े घोटाले को क्या सिर्फ एक बैंकर्मचारी की मदद से अंजाम दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि घोटाले में शामिल बड़े-बड़े नेताओं के नामों का पर्दाफाश किया जाना चाहिए। ये घोटाला सिर्फ बैंककर्मीं की मिलीभगत से नहीं बल्कि बड़े-बड़े नेताओं की शह पर अंजाम दिया गया।

    प्रदर्शन का हुआ असर

    प्रदर्शन का हुआ असर

    बैंक कर्मचारियों के प्रदर्शन ने बीच में उग्र रूप ले लिया। इस दौरान सरकार और वित्त मंत्रालय मुर्दाबाद के नार लगाए गए। जोरदार प्रदर्शन का सिलसिला आगे बढ़ा तो वित्त मंत्रालय को भी इस पर संज्ञान लेना पड़ा। बैंककर्मियों के प्रदर्शन को देखते हुए वित्त मंत्रालय की ओर से वी बैंकर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों को फोन कर उनकी मांगे सुनी गईं। मिली जानकारी के अनुसार वित्त मंत्रालय ने उन्हें एक मंच पर बातचीत के लिए आमंत्रित भी किया है।

    'आई एम बैंकर एंड आई एम अंडर पेड' टैगलाइन से चला रहे हैं कैंपेन

    'आई एम बैंकर एंड आई एम अंडर पेड' टैगलाइन से चला रहे हैं कैंपेन

    पिछले कई दिनों से कई बैंकों के कर्मचारी 'आई एम बैंकर एंड आई एम अंडर पेड' (I am banker I am underpaid) लिखा बैनर शर्ट पर लगाकर बैंक स्तर पर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब इस प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और इसी की परिणति रही कि बैंकर्स 21 मार्च को संसद की एसबीआई शाखा के सामने जमा हो गए। सरकार, वित्त मंत्रालय, नरेंद्र मोदी और यूनियन मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस मौके पर वी बैंकर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी आशीष मिश्रा, प्रेसिडेंट अनुराग चंद्रा समेत पदाधिकारी कमलेश चतुर्वेदी कार्यकर्ता शिवाकांत श्रीवास्तव शिखा चौहान व मनोज बिष्ट आदि मौजूद रहे।

     ये थीं पांच सूत्रीय मांगे--

    ये थीं पांच सूत्रीय मांगे--

    1 बैंक कर्मियों को वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए

    2. बैंकों में बंद की जाए क्रॉस सेलिंग
    3. कार्य का समय निश्चित किया जाए
    4. पोस्टिंग में कर्मियों के हितों का प्राथमिकता दी जाए
    5. अवकाश के दिनों में कोई कार्य नहीं हो

    ये भी पढ़ें- 21 मार्च को अब दिल्ली में संसद की SBI शाखा के बाहर देशभर के बैंककर्मी करेंगे जोरदार प्रदर्शन

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    CPC I am banker I am under paid huge protest of bankers at sbi parliament delhi

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more