सीएम केजरीवाल के कोर्ट में बयान देते ही जज ने पकड़ लिया सीबीआई का झूठ
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली में कथित शराब घोटाले के मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया है।
कोर्ट के आदेश के अनुसार सीबीआई ने 26 जून को सीएम केजरीवाल को कोर्ट में पेश किया। इस सुनवाई के दौरान ऐसी दिलचस्प घटना घटी जब स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई का झूठ पकड़ा गया। आम आदमी पाटी ने भी इस दिलचस्प घटना का खुलासा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी किया है।

दरअसल, एजेंसी ने केजरीवाल से शराब घोटाले के मामले में पूछताछ करने और सबूत जुटाने के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी थी। हालांकि, कोर्ट ने सिर्फ तीन दिन की रिमांड दी।
सीएम केजरीवाल ने कोर्ट में रखी तीन बात
कोर्ट में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब निरस्त हो चुकी नई शराब नीति के बारे में तीन बिंदु रखे। जिसमें उन्होंने बताया कि इस नीति को राजस्व बढ़ाने, शराब खरीदने के लिए लंबी कतारो को कम करने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था।
इसके साथ ही सीएम केजरीवाल ने सीबीआई के उन आरोपों का भी खंडन किया कि उन्होंने इस नीति के तहत निजी पार्टियों को शामिल करने का प्रस्ताव दिया था।
सीबीआई के इस दावे को केजरीवाल ने बताया झूठा
केजरीवाल ने अपने बयान में कहा मैं और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के अन्य नेता इस मामले में पूरी तरह से निर्दोष हैं। इसके साथ ही सीएम ने अपने बयान में सीबीआई के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें सीबीआई ने कहा था कि केजरीवाल ने आबकारी नीति (अब निरस्त) को कानूनी अमलीजामा पहनाने की सारी जिम्मेदारी मनीष सिसोदिया को सौंपी थी।
सीबीआई के इस दावे पर सीएम केजरीवाल ने कोर्ट को बताया कि मनीष सिसोदिया को लेकर उनसे कभी पूछताछ की ही नहीं गई। इसके साथ ही केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सीबीआई पर उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
जज ने पकड़ा सीबीआई का झूठ
विशेष न्यायाधीश ने मनीष सिसोदिया के बारे में केजरीवाल की मौखिक दलील में दम पाया और सीबीआई के झूठ को उजागर किया। न्यायाधीश ने कहा "मैंने सीएम अरविंद केजरीवाल बयान पढ़ा है। आपने मनीष सिसोदिया के बारे में वह बात नहीं कही है, जिसका सीबीआई दावा कर रही है।"
गौरतलब है कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने 20 जून को सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनके जेल से रिहा होने पर रोक लगा दी थी। 20 जून 2024 को ट्रायल कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी, जिससे उनकी जेल से रिहाई पर रोक लग गई।












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