'मैं 8 साल से CM हूं, 2 ही बार विदेश गया', शिक्षकों की ट्रेनिंग को लेकर केजरीवाल ने LG पर कसा तंज
दिल्ली के शिक्षकों को फिनलैंड भेजने को लेकर उपराज्यपाल और केजरीवाल सरकार में टकरार जारी है। सीएम केजरीवाल के मुताबिक वो सिर्फ दो बार ही विदेश गए हैं।

शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजने को लेकर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल में जुबानी जंग जारी है। इस बीच रविवार को सीएम केजरीवाल ने फिनलैंड, कैम्ब्रिज और सिंगापुर की ट्रेनिंग में भाग लेने वाले सरकारी स्कूल के शिक्षकों से बातचीत की। कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम ने कहा कि लंबे समय से ये धारणा रही है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद सीएम ने अपनी विदेश यात्रा को लेकर एलजी और मोदी सरकार पर तंज कसा।
केजरीवाल ने कहा कि हम आपको (शिक्षकों को) विदेशों में भेजने में सक्षम हैं। मैं 8 साल से मुख्यमंत्री हूं, लेकिन मैं सिर्फ दो बार विदेश गया। एक बार मैं रोम गया था जब मदर टेरेसा की मृत्यु हुई थी और एक बार दक्षिण कोरिया। उन्होंने आगे कहा कि मेरा मकसद शिक्षकों को दूसरे देशों में भेजना है। मैं नहीं जाना चाहता। अन्य नेता हर महीने जाते हैं। हम चाहते हैं कि आप वैश्विक अनुभव हासिल करें। हमारे सरकारी स्कूलों को निजी और अंतरराष्ट्रीय स्कूलों से बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे आलोचक भी इस बात से सहमत हैं कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में पिछले कुछ वर्षों में बहुत सुधार हुआ है। ये हमारी वजह से नहीं बल्कि आप जैसे शिक्षकों की वजह से हुआ है। अगर नेताओं ने हमेशा नीतियों में शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया होता, तो भारत ने बहुत पहले एक क्रांति देखी होती। 2015 के बाद से बुनियादी ढांचे और काम के माहौल में सुधार हुआ है। 'टेंट स्कूल' 'टैलेंट स्कूल' बन गए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने भी आईआईटी किया है, लेकिन मुझे कोचिंग लेने पड़ी थी, लेकिन आज सरकारी स्कूल के छात्र बिना कोचिंग के ही एडमिशन पा जा रहे, ये सब शिक्षकों की वजह से हुआ है। अपने संबोधन के आखिर में उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक वह शिक्षा पर ध्यान केंद्रित नहीं करेगा।












Click it and Unblock the Notifications