CJP Protest 2.0: जंतर-मंतर जाने वालों से अभिजीत दीपके की खास अपील,आखिर क्यों लाने को कहा थाली और चम्मच?
CJP Jantar Mantar Protest: NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षा विवादों को लेकर देशभर में आंदोलन चला रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक बार फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। 20 जून को होने वाले इस प्रदर्शन से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से एक खास अपील की है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई है।
दीपके ने अपने समर्थकों से कहा है कि वे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने साथ एक थाली और एक चम्मच जरूर लेकर आएं। उनके इस बयान को कई लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना काल में लोगों से थाली-ताली बजाने की अपील से जोड़कर देख रहे हैं।

प्रदर्शनों से क्या बोले अभिजीत दीपके?
प्रदर्शन से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा,"जंतर-मंतर पर होने वाले कल के प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी 'कॉकरोच' अपने साथ एक थाली और एक चम्मच लेकर आएं। बाकी की कहानी आप खुद समझते हैं।" हालांकि दीपके ने सीधे तौर पर यह नहीं बताया कि प्रदर्शन में थाली और चम्मच का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा, लेकिन उनके बयान के बाद इसे प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों चर्चा में है थाली और चम्मच?
मार्च 2020 में कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वे शाम 5 बजे अपने घरों की बालकनी या छत पर खड़े होकर डॉक्टरों, नर्सों और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स के सम्मान में ताली, थाली और घंटियां बजाएं। अब CJP उसी प्रतीक को अपने विरोध प्रदर्शन में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि थाली और चम्मच के जरिए संगठन सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास करेगा।
दिल्ली पुलिस से मिली प्रोटेस्ट करने की अनुमति
CJP ने दावा किया है कि उसे 20 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मिल गई है। यह प्रदर्शन दोपहर 1 बजे शुरू होगा। यह दिल्ली में CJP का दूसरा बड़ा प्रदर्शन होगा। इससे पहले 6 जून को भी संगठन ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए थे।
क्या हैं CJP की मांगें?
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि वह NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है। संगठन की सबसे बड़ी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय की जाए। CJP का आरोप है कि परीक्षा विवादों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
PM Modi को लिखा पत्र: पेपर लीक से आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग
इअभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है। नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पत्र की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में फैली अनिश्चितता और तनाव के कारण हाल के हफ्तों में कथित तौर पर 11 छात्रों ने आत्महत्या कर ली है, जिनमें से 5 मौतें पिछले 48 घंटों के भीतर हुई हैं।
₹1 करोड़ का मुआवजा: आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को तुरंत 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए, क्योंकि इनमें से अधिकांश परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए भारी-भरकम 'एजुकेशन लोन' ले रखे थे।
शिक्षा मंत्री का रेजिग्नेशन: शिक्षा मंत्री को उनके पद से बर्खास्त किया जाए। पत्र में दीपके ने लिखा, "नेतृत्व को जवाबदेह ठहराना शिक्षा प्रणाली में छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बहाल करने के लिए सबसे जरूरी कदम है। ऐसा न करना यह संदेश देगा कि प्रशासन इस बिगड़ी हुई स्थिति को स्वीकार कर चुका है।"
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जयपुर में एक प्रदर्शन के दौरान समर्थकों के कंधे पर बैठे अभिजीत दीपके पर दो अज्ञात युवकों द्वारा हमला किए जाने (थप्पड़ मारने) की घटना भी सामने आई थी, जिसके बाद इस आंदोलन की तपिश और ज्यादा बढ़ गई है।
जंतर-मंतर पर क्या होगा खास?
अब सबकी नजरें 20 जून को होने वाले CJP Protest 2.0 पर टिकी हैं। प्रदर्शन में शामिल होने वाले युवाओं को थाली और चम्मच लाने के लिए कहा गया है, जिससे यह विरोध प्रदर्शन पहले से अलग और ज्यादा प्रतीकात्मक नजर आ सकता है।
CJP प्रवक्ता सौरभ दास और विवेक दहिया का कहना है कि उसका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और उसका मकसद केवल छात्रों के लिए न्याय और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग करना है। जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में शिक्षा और छात्र राजनीति से जुड़े मुद्दों को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।














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