Cash For Treatment Scam: सफरदरजंग अस्पताल के न्यूरोसर्जन समेत 5 अरेस्ट, सर्जरी के बदले पैसे ऐंठने का है आरोप
दिल्ली: सफदरजंग अस्पताल के एक न्यूरोसर्जन मनीष रावत समेत चार लोगों को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने इन्हें सर्जरी के बदले मरीजों से पैसे ऐंठने के आरोपों में पकड़ा है।

Cash For Treatment Scam: सर्जरी के बदले मरीजों से पैसे ऐंठने के आरोप में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरों (CBI) ने सफदरजंग अस्पताल के एक न्यूरोसर्जन मनीष रावत और उसके चार सहयोगियों को अरेस्ट किया है। डॉक्टर मनीष रावत की गिरफ्तारी के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया।
तो वहीं, इस पूरे मामले में बरेली की एक कंपनी का भी नाम सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई अधिकारियों की मानें तो उन्हें गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद डॉक्टर मनीष रावत व उसके सहयोगी सीबीआई के रडार पर आ गए थे।
जिसके बाद CBI इलाज के लिए गरीब लोगों से रिश्वत मांगने से लेकर अधिक बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग तक के अपराधों की जांच कर रही है। इस मामले में CBI ने 30 मार्च को कारोबारी दीपक खट्टर जंगपुरा में कनिष्क सर्जिकल का मालिक समेत कुलदीप,अवनेश पटेल और मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया है।
इसके साथ आरोपी डॉक्टर मनीष रावत को गिरफ्तार किया है। मनीश रावत सपदरजंग अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर तैनात है और लोधी कॉलोनी का रहने वाला है।
CBI के प्रवक्ता आरसी जोशी ने कहा कि आरोपी डॉक्टर अस्पताल में इलाज के नियमों को दरकिनार कर चिकित्सकीय सलाह देने और सर्जरी कराने के लिए पैसे की मांग करता था। सूत्रों ने कहा कि हाल के तीन मामलों में, कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से 1.15 लाख रुपये, 55,000 रुपये और 30,000 रुपये की रिश्वत ली गई थी।
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जिसके बाद सीबीआई को कार्रवाई करनी पड़ी। सीबीआई के अनुसार, बिचौलिया पटेल, रावत की ओर से मरीजों के रिश्तेदारों से संपर्क करता था। वह सर्जरी के लिए लिए जल्दी तारीख सुनिश्चित करने को जंगपुरा में खट्टर स्टोर से आवश्यक शल्य चिकित्सा उपकरण खरीदने को बाध्य करता था।












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