Ayushman Bharat Delhi: अब विधवा,दिव्यांग परिवारों को भी मिलेगा 5 लाख तक मुफ्त इलाज, बढ़ा आयुष्मान का दायरा
Ayushman Bharat Delhi Update: नई दिल्ली में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि विधवा पेंशन और दिव्यांग वित्तीय सहायता योजना के लाभार्थियों को भी आयुष्मान भारत योजना के तहत शामिल किया जाएगा।
इस फैसले के बाद करीब 3.97 लाख विधवाएं और 1.31 लाख दिव्यांगजन प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ उठा सकेंगे। इतना ही नहीं, उनके परिवार भी इस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के दायरे में आएंगे।

5.5 लाख नए परिवार जुड़ेंगे योजना से (PM-JAY Expansion)
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में पहले से करीब 5.5 लाख परिवार आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले रहे हैं। अब इस निर्णय के बाद लगभग 5.5 लाख अतिरिक्त परिवारों को मजबूत स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा मिलेगी।
ये परिवार उन श्रेणियों के अलावा होंगे जो पहले से योजना में शामिल हैं, जैसे अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता राशन कार्ड धारक, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कर्मचारी व सहायिकाएं।
इलाज पैसों की वजह से न रुके. सरकार का वादा (Health Security for Poor)
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता साफ है। कोई भी गरीब या जरूरतमंद नागरिक सिर्फ आर्थिक तंगी की वजह से इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि दिल्ली के हर कमजोर परिवार की गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ा संकल्प है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना मानी जाती है। दिल्ली सरकार का कहना है कि इसे और प्रभावी और समावेशी बनाना ही इस कदम का मकसद है।
कितने कार्ड बने? कितनों को मिला इलाज (Ayushman Cards Delhi)
राजधानी में अब तक 7,23,707 आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इनमें 2,74,620 कार्ड वरिष्ठ नागरिकों को दिए गए हैं। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए 208 अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जिनमें 156 निजी और 53 सरकारी अस्पताल शामिल हैं।
अब तक 29,120 से अधिक मरीजों का इलाज राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के माध्यम से इस योजना के तहत कराया जा चुका है। सरकार का दावा है कि इस फैसले के बाद दिल्ली में स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा और व्यापक होगा। विधवा और दिव्यांग परिवारों के लिए यह राहत भरी खबर है, क्योंकि अब गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता कुछ हद तक कम हो सकेगी।











Click it and Unblock the Notifications