'तानाशाही की हद हो चुकी है पार',SSC प्रोटेस्ट में पुलिस ने किया लाठीचार्ज, भाजपा सरकार पर बरसे अरविंद केजरीवाल
Arvind Kejriwal: दिल्ली का रामलीला मैदान शनिवार रात छात्र आक्रोश का गवाह बना, जब SSC परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर अचानक लाठियां बरसाई गईं। हक और न्याय की मांग कर रहे इन युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश ने न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश में हलचल मचा दी है।
इस घटना पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए तानाशाही का आरोप लगाया है। केजरीवाल ने कहा कि लोकतंत्र को खुलेआम रौंदा जा रहा है। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र का मजाक बताते हुए कहा कि भाजपा आवाज उठाने वालों को चुप कराने में जुटी है।

देर रात चला लाठीचार्ज
कई महीनों से SSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्र शनिवार रात प्रदर्शन कर रहे थे, तभी पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हो गए, जबकि मौके पर मौजूद मीडिया को भी कवरेज करने से रोका गया।
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"तानाशाही हद पार कर चुकी है सरकार"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए केजरीवाल ने लिखा, "भाजपा की तानाशाही और गुंडागर्दी चरम पर है। जो भी सवाल पूछता है, उसे लाठीचार्ज कर चुप करा दिया जाता है। किसी को भी जेल में डाल दिया जाता है, कानून बदला जा सकता है और यहां तक कि जो भाजपा को वोट नहीं देता, उसका वोट भी काट दिया जाता है।"
छात्रों की मुख्य मांगें
आंदोलन कर रहे छात्र दोबारा परीक्षा कराने, मौजूदा रिजल्ट रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी मेहनत को सिस्टम की गड़बड़ियों ने बर्बाद कर दिया है।
परीक्षा में आईं बड़ी समस्याएं
SSC एक वैधानिक संस्था है, जो केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में भर्तियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करती है। जुलाई 24 से अगस्त 1 के बीच आयोजित फेज-13 परीक्षा में कई खामियां सामने आईं। इनमें अचानक परीक्षा रद्द होना, सॉफ्टवेयर क्रैश, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में गड़बड़ी और गलत सेंटर अलॉटमेंट जैसी समस्याएं शामिल थीं। लगभग 5 लाख उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था।
विरोध की लहर
इन खामियों और अनियमितताओं के खिलाफ पिछले हफ्ते हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए थे। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध देखने को मिला, जिसके बाद यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है।
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