Arvind Kejriwal Resignation: त्याग, CM कुर्सी और लालच? जानिए केजरीवाल ने ऐसा क्या कहा?
Arvind Kejriwal Resignation: देश की राजधानी दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ गया है। जेल में रहते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा ना देने वाले आम आदमी पार्टी प्रमुख और सीएम अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ से बाहर आते ही सीएम पद त्यागने का ऐलान कर दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि वह दो दिन बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।
अरविंद केजरीवाल का यह कदम दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की नई रणनीति तय करती है। क्योंकि केजरीवाल ने अपने इस्तीफे के ऐलान के साथ यह संदेश देने की कोशिश की है कि उन्होंने जेल में रहते हुए इस्तीफा नहीं दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अपना इस्तीफा सौंपेगे। जिससे कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार के आरोप से जूझ रही पार्टी को नई संजीवनी मिलेगी।

त्याग में भी दिखा लालच!
लेकिन सीएम पद छोड़ने की घोषणा करते वक्त त्याग की बातें करने वाले अरविंद केजरीवाल की जुबान पर कही ना कहीं लालच साफ छलक रहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने कहा कि वो इस्तीफा देना चाहते थे, साथ ही चाहते थे कि जब तक कोर्ट से बरी ना हो जाए, वो सीएम पद पर ना रहे, लेकिन जब वकीलों से पूछा तो पता लगा कि मुकादमा 10-15 साल चलेगा, इसलिए इस्तीफा नहीं दिया।
'मैं ईमानदार हूं, तो मुझे बड़ी संख्या में वोट दें'
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई पाबंदियों के कारण हम काम नहीं कर पाएंगे। यहां तक कि उन्होंने भी हम पर पाबंदियां लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अगर आपको लगता है कि मैं ईमानदार हूं, तो मुझे बड़ी संख्या में वोट दें।"
उन्होंने कहा, 'मैं चुने जाने के बाद ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठूंगा। चुनाव फरवरी में होने हैं। मैं मांग करता हूं कि नवंबर में महाराष्ट्र चुनावों के साथ चुनाव कराए जाएं। चुनाव होने तक पार्टी से कोई और मुख्यमंत्री होगा। अगले 2-3 दिनों में विधायकों की बैठक होगी, जिसमें अगले मुख्यमंत्री पर फैसला होगा।"
किसी हालत में इस्तीफा मत देना-केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा, "मैं देश के सारे गैर भाजपा मुख्यमंत्रियों से हाथ जोड़ कर विनती करना चाहता हूं अब अगर प्रधानमंत्री फर्जी केस करके आपको जेल में डालें तो इस्तीफा मत देना। किसी हालत में इस्तीफा मत देना, जेल से सरकार चलाना। ऐसा नहीं है कि हम पद के लालची हैं इसलिए क्योंकि हमारे लिए हमारा संविधान जरूरी है जनतंत्र को बचाना जरूरी है। इतनी भारी बहुमत से चुनी सरकार को आप जेल में डालकर कहोगे इस्तीफा दे।"












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