Delhi: भाजपा में शामिल होने के बाद AAP पर बोले कैलाश गहलोत, कहा-'पार्टी के मूल्य और सिद्धांत कमजोर हो गए'
Delhi News: आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए उसके वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। गहलोत ने पार्टी छोड़ने के पीछे आप के मूल्यों और सिद्धांतों से धीरे-धीरे मोहभंग होने को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला एक दिन या रात में नहीं लिया गया। बल्कि लंबे समय तक पार्टी की गतिविधियों और निर्णयों को देखने और समझने के बाद लिया गया।
पार्टी के मूल्यों और सिद्धांतों में कमी आई
अपने इस्तीफे के बारे में बोलते हुए गहलोत ने कहा कि यह रातों-रात नहीं हुआ। मैंने देखा कि जिन मूल्यों और सिद्धांतों से हम जुड़े थे। उनमें कमी आ रही थी। मैंने साहस जुटाकर पार्टी छोड़ी। लेकिन और भी लोग हैं। जो इसी स्थिति में हैं। लेकिन वे अभी साहस नहीं कर पा रहे। गहलोत का यह बयान आप के भीतर बढ़ते असंतोष और संभावित दलबदल की ओर संकेत करता है।

कैलाश गहलोत ने आप से नाता तोड़ने पर जताई पीड़ा
कैलाश गहलोत ने बताया कि आप से जुड़ाव उनके लिए सिर्फ राजनीतिक नहीं। बल्कि भावनात्मक भी था। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने का फैसला आसान नहीं था। 2015 से हमने बहुत संघर्ष किया है। यह ऐसा नहीं है जैसे किसी दुकान में जाकर जैकेट खरीद ली। यह फैसला कई महीनों की पीड़ा और विचार के बाद लिया गया। उनकी यह टिप्पणी इस बात को रेखांकित करती है कि यह फैसला गहराई से सोचने-समझने और पार्टी के मूल्यों में कमी महसूस करने के बाद लिया गया।
विभाग आवंटन पर असंतोष की अटकलों को किया खारिज
हालांकि मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा विभागों के पुनः आवंटन को लेकर असंतोष की अटकलें लगाई जा रही थी। लेकिन गहलोत ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उन्हें परिवहन मंत्री के रूप में अपनी भूमिका से संतोष था। यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है कि वह विभाग किसे दें। मुझे इससे कोई शिकायत नहीं है।
भाजपा में स्वागत और राजनीतिक जीवन का नया अध्याय
भाजपा में शामिल होने पर कैलाश गहलोत का केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया। यह कदम उनके राजनीतिक जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।
गहलोत का इस्तीफा और आप के लिए बड़ा झटका
कैलाश गहलोत का यह कदम आप के लिए गंभीर झटका है और पार्टी के भीतर आंतरिक चुनौतियों और असंतोष को उजागर करता है। आप के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या अन्य नेता भी इसी तरह पार्टी से मोहभंग महसूस कर रहे हैं।
कैलाश गहलोत का भाजपा में शामिल होना न केवल राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव है। बल्कि यह भी संकेत है कि आप के भीतर सिद्धांतों और मूल्यों को लेकर गंभीर चिंताएं मौजूद हैं। गहलोत का यह निर्णय राजनीतिक ईमानदारी और अपने सिद्धांतों के प्रति निष्ठा की महत्ता को दर्शाता है। जो आने वाले समय में दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।












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