कांग्रेस की 'मोहब्बत की दुकान' का जिक्र कर AAP की अपील, राहुल गांधी केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ समर्थन करें
Patna Opposition Party Meeting बहुचर्चित राजनीतिक घटनाक्रम रहा। कांग्रेस ने इस बैठक में केंद्र सरकार के अध्यादेश पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया। दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) के अधिकारों पर अध्यादेश के बाद AAP गैर-भाजपाई राज्यों से समर्थन मांग रही है।
हालांकि, विपक्षी एकजुटता की कवायद में बिहार की राजधानी में हुई बैठक में कांग्रेस ने अध्यादेश के मुद्दे पर बात करने से इनकार कर दिया। इसके बाद AAP ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए।

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी ने 'मोहब्बत की दुकान' का जिक्र किया जिस पर बहुत चर्चा हुई। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस की मोहब्बत की दुकान वाले बयान का जिक्र कर अध्यादेश के खिलाफ समर्थन की अपील की है।
दरअसल, अरविंद केजरीवाल सरकार ने शक्तियों को कम करने का आरोप लगाया है। पटना में विपक्षी एकजुटता की कवायद के बावजूद केंद्र सरकार के अध्यादेश पर दोनों विपक्षी दलों के बीच खींचतान चल रही है।
इसी बीच आम आदमी पार्टी (आप) नेता और दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक अपनी बात पहुंचाने के लिए "मोहब्बत की दुकान" वाले बयान का सहारा लिया।
उन्होंने कहा, "मैं हमेशा देखता हूं कि राहुल गांधी प्यार की बात करते हैं और कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी नफरत फैलाती है। इसलिए अगर राहुल गांधी 'मोहब्बत की दुकान' चला रहे हैं, तो जो भी उनके पास पहुंचेगा, उसे वह प्यार मिल सकता है।"
सौरभ की यह टिप्पणी पटना में विपक्षी दल की बैठक के दौरान अध्यादेश के मुद्दे पर AAP और कांग्रेस के बीच कथित तौर पर तीखी नोकझोंक के बाद आई है। बता दें कि पटना की मीटिंग के बाद केजरीवाल ने कांग्रेस से अध्यादेश के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा था।
आप नेता भारद्वाज ने अध्यादेश मुद्दे का जिक्र किए बिना कहा, ''जब उन्होंने (राहुल) कहा कि उनकी पार्टी प्यार फैलाती है, तो उन्हें यह भी दिखाना होगा।'' कांग्रेस पार्टी केंद्र में सत्ता में नहीं है। इसलिए अहंकार का कोई सवाल ही नहीं होना चाहिए।
अध्यादेश के खिलाफ अपना समर्थन घोषित करने में कांग्रेस की अनिच्छा पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ ने कहा, अगले लोकसभा चुनाव के बाद सत्ता में लौटने पर देश की सबसे पुरानी पार्टी अहंकारी बन सकती है।"
बकौल सौरभ भारद्वाज, राहुल गांधी को संतुलित होने और यह दिखाने की जरूरत है कि वह प्यार फैला रहे हैं। बता दें कि पटना की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी दोनों मौजूद रहे, लेकिन अध्यादेश पर बात नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि AAP संसद के ऊपरी सदन (राज्यसभा) में कांग्रेस के समर्थन पर भरोसा कर रही है। राज्यसभा में कांग्रेस के पास सबसे अधिक 31 सांसद हैं। राज्यसभा में भाजपा के पास बहुमत नहीं है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को बेअसर करने के लिए केंद्र सरकार ने अध्यादेश का सहारा लिया है। इसके खिलाफ सीएम केजरीवाल ने विभिन्न विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर मानसून सत्र के दौरान संसद में अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगा है।
केंद्र सरकार 19 मई को 'ट्रांसफर पोस्टिंग, सतर्कता और अन्य प्रासंगिक मामलों' के संबंध में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (GNCTD) के लिए नियमों को अधिसूचित करने के लिए एक अध्यादेश लेकर आई।
यह अध्यादेश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 में संशोधन करने के लिए लाया गया था और यह सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र बनाम दिल्ली मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बेअसर करता है।












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