आंदोलनकारियों में भेदभाव करती उत्तराखंड सरकार

नई दिल्ली(ब्यूरो) उत्तराखण्ड सरकार उन महिला आंदोलनकारियों का अपमान कर रही है,जिन्होंने इसकी स्थापना के लिए लड़ाई लड़ी थी। सरकार की तरफ से आंदोलनकारियों को सम्मानित करने व उनको सहायता देने के नाम पर भारी भेदभाव किया जा रहा है।

सरकार अपने अपने लोगों को सरकारी संसाधन लुटा रही है और जरूरत मंदों को खेरात की तरह चंद हजार रूपये दे कर असहाय आंदोलनकारियों के जख्मों को कुरेद कर उनकी हालत का मजाक उड़ा रही है।

किसी से कम नहीं

राज्य आंदोलन के तमाम महिला संगठनों की भूमिका किसी से कम नहीं थी। स्व. कौशल्या डबराल के नेतृत्व वाला महिला संयुक्त संघर्ष समिति हो या कमला पंत के नेतृत्व वाला महिला मंच या अन्य सभी आंदोलनकारी नेत्रियों ने राज्य गठन आंदोलन में मजबूती से आंदोलन में भाग लिया था।

महिलाओं को विशेष सम्मान पूरे उत्तराखण्ड में है परन्तु सरकार की नीति बेहद भेदभावपूर्ण व महिलाओं को असहाय समझ कर उनका अपमान करने वाली है। यह प्रतिक्रिया उत्तराखण्ड राज्य गठन आंदोलन के अग्रणी आंदोलनकारी मोर्चा उत्तराखण्ड जनता संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश सरकार द्वारा 15 अगस्त को प्रदेश में महिला आंदोलनकारियों को 50 साल की उम्र में पेंशन देने के ऐलान पर की।

क्यों उत्तराखंडी के दिलों में बसते हैं नरेन्द्र सिंह नेगी

याचक नहीं रहा

मोर्चा का मानना है कि राज्य गठन आंदोलनकारी कभी सरकार से सम्मान या सुविधाओं का याचक नहीं रहा। परन्तु जब सरकार राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान करने का कदम उठाती है तो सरकार के नियम में कहीं भी पक्षपात, लिंग, जाति व क्षेत्र के आधार पर भेदभाव न हो।

परन्तु प्रदेश सरकार पुरूष आंदोलनकारियों व महिला आंदोलनकारियों में भेदभाव कर रही है। मोर्चा ने दो टूक शब्दों में कहा सबसे बडी शर्मनाक बात यह है कि प्रदेश गठन को 15 साल होने को है और यहां की तमाम सरकारें न आंदोलनकारियों का न्यायोचित चयन ही कर पायी व नहीं आंदोलनकारियों को सम्मानित करने के नाम पर एक आदर्श नियम ही बना पायी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+