Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कांग्रेस में इस्तीफों का दौर, आंतरिक कलह भी जारी

नई दिल्ली, 16 मार्च। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर चुनावों में हारने के बाद कांग्रेस के पांचों प्रदेशों के अध्यक्षों ने अपने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने एक ट्वीट में बताया कि पार्टी की कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन प्रदेश अध्यक्षों के इस्तीफे मांगे हैं ताकि प्रदेशों की इकाइयों का पुनर्गठन किया जा सके.

congress chiefs in five states sacked

नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए सोनिया गांधी को भेजा अपना एक लाइन का त्यागपत्र ट्विटर पर साझा भी किया. उन्होंने पत्र में इस्तीफा देने की बात के अलावा और कुछ नहीं लिखा.

(पढ़ें: कांग्रेस की अवस्था है विपक्ष की दुविधा)

पंजाब में बुरा हाल

सिद्धू को जुलाई 2021 में ही उनके और तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच चले लंबे झगड़े के बाद यह पद सौंपा गया था. सिंह प्रदेश में पार्टी की कमान सिद्धू के हाथ में सौंपने के जरा भी पक्ष में नहीं थे, लेकिन सिद्धू का दिल्ली जाकर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिलना काम आया.

उस मुलाकात के बाद उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया और सिंह को भी उनका स्वागत करने के लिए मजबूर होना पड़ा. लेकिन दोनों का झगड़ा यहां रुका नहीं और सितंबर में सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. तब चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया. लेकिन चुनावों में न सिद्धू राज्य में पार्टी को बचा पाए न चन्नी.

(पढ़ें: 238 करोड़ रुपयों की संपत्ति वाला पंजाब का 'आम आदमी' विधायक)

बल्कि दोनों नेता खुद भी चुनाव हार गए. दिलचस्प बात यह है कि जिस समय पंजाब कांग्रेस में यह उथल पुथल चल रही थी, उस समय राज्य के प्रभारी महासचिव हरीश रावत थे जो खुद उत्तराखंड में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे. सिद्धू और चन्नी की ही तरह रावत भी उत्तराखंड में न पार्टी की जीत सुनिश्चित कर पाए और न अपनी.

गांधी परिवार पर सवाल

इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस का प्रदर्शन तो बुरा रहा ही, प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू खुद भी चुनाव हार गए. उन्होंने मंगलवार 15 मार्च को ही पार्टी की "हार की नैतिक जिम्मेदारी" लेते हुए अपना इस्तीफा दे दिया. उत्तराखंड में भी गणेश गोदियाल ने प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया. गोदियाल भी पार्टी के साथ साथ खुद भी चुनाव हार गए थे.

गोवा में गिरीश चोदांकर और मणिपुर में एन लोकेन सिंह ने अपने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया. हालांकि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का संकट अभी भी जारी है. कई मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि चुनाव नतीजों के बाद सोनिया गांधी ने भी अपने पद से इस्तीफा देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अंत में ऐसा हुआ नहीं.

(पढ़ें: पांच साल सत्ता में रहने के बावजूद योगी सरकार ने कैसी की सत्ता में वापसी?)

2020 में पार्टी के नेतृत्व को लेकर पार्टी लाइन से खुद को अलग कर लेने वाले कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने गांधी परिवार की भी आलोचना की है. जी-23 के नाम से जाने जाने वाले इस समूह के सदस्य पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि गांधी परिवार के सभी सदस्यों को पार्टी के नेतृत्व से पीछे हट जाना चाहिए.

इसके बाद गांधी परिवार के नजदीकी कई नेताओं ने सिब्बल और अन्य जी-23 नेताओं की आलोचना की. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सिब्बल "कांग्रेस की संस्कृति" से नहीं आते हैं और "कांग्रेस की एबीसी भी नहीं जानने वाले व्यक्ति को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए."

Source: DW

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+