फर्जी एनकाउंटर मामले में चित्रकूट के पूर्व एसपी समेत 14 पुलिसवालों के खिलाफ FIR दर्ज
चित्रकूट, 31 जुलाई। उत्तर प्रदेश के पूर्व सुप्रिटेंडेंट ऑफ पुलिस और 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ फर्जी एकनाउंटर मामले में केस दर्ज किया गया है। एक गैंगस्टर का फर्जी एनकाउंटर करने के आरोप में इन पुलिसकर्मियों पर यह केस दर्ज किया या है। गौरी गैंग के भालचंद्र यादव का कथित तौर पर चित्रकूट पुलिस ने अपहरण कर लिया था। आरोप है कि वह जब मध्य प्रदेश के सतना कोर्ट से वापस लौट रहे थे तो उनका अपहरण किया गया था। इसके बाद शाम को उनका फर्जी एनकाउंट किया गया और उनकी हत्या कर दी गई।

भालचंद्र यादव की पत्नी नथुनिया ने दावा किया था कि भालचंद्र यादव जब कोर्ट से वापस लौट रहे थे तो उसी शाम को उनकी फर्जी एनकाउंटर में हत्या कर दी गई थी। इस फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ नथुनिया ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। भालचंद्र यादव के सीने में गोली मारी गई थी। नथुनिया का दावा है कि मेरे पति के सीने में गोली मारी गई थी लेकिन उनकी शर्ट पर ना तो कोई छेद था और ना ही खून का निशान, जिससे साफ है कि पुलिस ने हिरासत में उनकी हत्या की और इसके बाद उन्हें कपड़े पहना दिए। स्पेशल जज विनीत नारायण पांडे ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
अडिशनल सुप्रिटेंडेंट ऑफ पुलिस शैलेंद्र कुमार राय ने बताया कि शुक्रवार शाम को भालीपुरवा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई है। चित्रकूट के पूर्व एसपी अंकित मित्तल के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 323, 364, 396 के तहत केस दर्ज किया गया है। उनके अलावा अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
भालचंद्र यादव सतना के पडवानिया गांव का रहने वाला था, जिसका 31 मार्च 2021 की अपहरण हो गया था। नथुनिया के वकील राजेंद्र यादव ने बताया कि चित्रकूट पुलिस की टीम ने भालचंद्र यादव का अपहरण करके उनकी हत्या कर दी थी। वह अपने भाई लाल चंद्र के साथ कोर्ट गए थे। वकील ने कहा कि शिकायत में कहा गया है कि भालचंद्र के शरीर पर चोट के जो निशान थे उससे साफ है कि उन्हे टॉर्चर किया गया था। यह केस 10 महीने के बाद शिकायत मिलने के आधार पर दर्ज किया या है। हम मामले की जांच की मांग कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच चित्रकूट पुलिस नहीं करे क्योंकि हमे उनपर भरोसा नहीं है।












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