चित्रकूट में प्रियंका ने महिलाओं में भरा जोश, कहा-सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो अब गोविंद ना आएंगे
चित्रकूट, 17 नवंबर: कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी आज चित्रकूट के दौरे पर हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देने का ऐलान करने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को चित्रकूट में महिलाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान प्रियंका गांधी ने महिलाओं ने स्वास्थ्य, कानून, शिक्षा, रोजगार के मुद्दे पर बात की।उन्होंने लखीमपुर हिंसा समेत कई मामले इस संवाद कार्यक्रम में उठाए।

महिलाओं को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि, हर महिला अपने जीवन में संघर्ष करती है और लड़ती है यह हम सैकड़ों साल से देख रहे हैं अपने समय में रानी लक्ष्मीबाई जी अपने हक के लिए लड़ी। उन्होंने कहा कि, आज जब आप खेतों में काम करती हैं, फैक्ट्री में काम करती हैं, घर का काम करती है पाठशाला में पढ़ाती हैं, आंगनबाड़ी की आशा बहू हैं शिक्षामित्र बहने हैं डॉक्टर हैं नर्स हैं अधिवक्ता हैं आप सब एक तरीके से अपने लिए लड़ रही हैं। आप मजबूत हैं आप कुछ करके दिखा सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, आज प्रदेश की स्थिति बहुत खराब है। कुछ दिनों पहले मैं ललितपुर गई थी मैंने सुना कि कुछ किसानों ने खाद की लाइन में लगे लगे ही अपना दम तोड़ दिया कुछ किसानों ने आत्महत्या कर ली। किसान परिवार के घर गई उनके घर में कुछ भी नहीं था। खाद के चलते आत्महत्या करने वाले किसान की बेटी से मैं मिली तो घर लौटते वक्त मैंने सोचा कि जो भी हो सबसे मुश्किल तुम महिला को ही होती है वह मां बेटी अकेले-अकेले क्या करेगी? जो काम करने वाला था वह तो चला गया।
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प्रियंका ने कहा कि- बहुत हुआ इंतजार अब, सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो अब गोविंद ना आएंगे। औरों से कब तक आस लगाओगी। कैसी रक्षा मांग रही हो दुशासन दरबारों से। महिलाओं को एक जुट होकर राजनीति में अपना हक मांगना चाहिए। आपके लिए कोई और संघर्ष करने नहीं आएगा। यह लड़ाई हम बहनों को हम महिलाओं को खुद ही लड़नी होगी। महिला का संघर्ष उसका अपना संघर्ष होता है, उसे अपनी शक्ति पहचानी होती है शक्ति के बल पर संघर्ष करना होता है। मैंने इसीलिए कहा कि 40% महिलाओं को राजनीति में आना चाहिए कांग्रेस पार्टी 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देगी। उन्होंने अपना प्रतिज्ञा पत्र महिलाओं को पढ़कर सुनाया। कहा कि किसानों का पूरा कर्जा माफ किया जाएगा।
प्रिंयका ने आगे कहा कि, एक महिला ही एक महिला का दर्द समझ सकती है उसके लिए नीतियां बना सकती है क्योंकि वह समझ सकती है कि महिलाएं कितना संघर्ष करती है। जब तक महिलाओं की राजनीति में आधी आबादी की आधी भागीदारी नहीं होगी तब तक महिलाओं को सम्मान और भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो सकती। प्रियंका ने कहा कि आज की राजनीति में बहुत नफरत फैला दी गई है। लखीमपुर कांड में एक केंद्रीय मंत्री के बेटे ने किसानों को मारा है। सरकार भी मंत्री को बचाने का काम कर रही है। राजनीति में हिंसा खत्म करने के लिए महिलाओं को आगे आना होगा।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि, आशा बहनें सिर्फ अपना मानदेय बढ़ाने की बात कह रही थीं। आपका शोषण किया जा रहा है। जो आपका शोषण कर रहे हैं, उन्हीं से हक मांगेंगे तो नहीं मिलेगा। आपको लड़का पड़ेगा। प्रदेश में हर जिले में 75 पाठशालाएं जो केंद्रीय विद्यालय की तरह होंगे लेकिन सिर्फ महिलाओं के लिए होंगे। जिसमें पढ़ाई के साथ अलग अलग हुनर सिखाए जाएंगे। महिलाओं में करुणा भाव होता है। राजनीति में हिंसा, क्रूरता, अत्याचार और शोषण खत्म करने के लिए महिलाओं का आगे आना जरूरी है। आप आगे आइए ताकि हम राजनीति, समाज और पूरे देश को बदल सकें।












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