Chitrakoot News: पर्वत शिखर पर तपस्या करती मिली किशोरी, कर रही थी ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जाप
चित्रकूट के धर्मनगरी बहिल पुरवा थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव के पास रामनगर की पहाड़ी के शिखर में एक पेड़ के नीचे करीब 15 वर्षीय नाबालिक करीब एक पखवारे से सन्यासी की तरह तप कर रही थी।

चित्रकूट में पुलिस को तपस्या कर रही एक नाबालिक मिली है। वो धर्मनगरी के पर्वत शिखर पर जंगल के बीच अनुसुइया आश्रम के पास तपस्या कर रही थी। किशोरी लगातार ऊंची आवाज में ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जप कर रही थी। मौके पर बकरी चराने पहुंचे चरवाहों ने किशोरी को देखा तो पुलिस को तपस्वी की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किशोरी को हिरासत में ले लिया है। मामला बहिलपुरवा थाना एरिया की है।
नाबालिक ने अपने माता-पिता का बताया नाम
किशोरी ने पहले अपने माता-पिता का नाम विष्णु और लक्ष्मी बताया था। उसका कहना था कि वो माता-पिता की भक्ति में लीन होने यहां आई है। हालांकि बाद में पुलिस ने कढ़ाई से पूछताछ करने पर नाबालिक ने अपना नाम सिद्दी शर्मा बताया है। पिता का नाम शालिकनाथ और माता का नाम रतन बताया है।
नाबालिक ने यह भी जानकारी दी कि वह मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की रहने वाली है। वह जून 2021 में अपने घर से भाग कर प्रयागराज में अरैल घाट पर स्थिति अखाड़ा परी शंकराचार्य महिला आश्रम में चली आई थी। वहां से वो मई 2022 में आश्रम से निकलकर चित्रकूट आ गई है। यहां पर सती अनुसुइया, रामघाट, हनुमानधारा, में कर घूम-घूमकर पूजा पाठ करती रही। फिर यहां आकर जप करने लगी।
प्रभारी निरीक्षक बहिलपुरवा ने किशोरी को समझा-बुझाकर वन स्टॉप सेंटर में दाखिल कराया है। प्रभारी महिला आश्रम को लड़की के द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर के माध्यम से सूचना दी गई है। प्रभारी महिला आश्रम ने जानकारी दी कि थाना नैनी में बच्ची की गुमशुदगी दर्ज है। आगे की कार्रवाई की जा रही है ।
हालांकि नाबालिग के घने जंगलों के बीच तपस्या करने का कारण क्या है? इस सवाल का जवाब पुलिस खोज रही है। जिस जगह किशोरी तपस्या कर रही थी, वहां के पत्थरों पर भगवान के नाम चॉक से लिखे हुए थे।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार
मामले में पुलिस अधीक्षक बृंदा शुक्ला का कहना है, नाबालिक से उसके मूल निवास की जानकारी ली गई है। परिवार के लोगों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।












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