छत्तीसगढ़ में मिला दुनिया का सबसे छोटा हिरण, भटकते हुए पहुंच गया था शहर
अपनी कुदरती खूबसूरती और घने जंगलों के लिए मशहूर छ्त्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक खास प्रजाति का हिरण मिला है। जिले की बैलाडीला की पहाड़ी में दुनिया का सबसे छोटा हिरण मिला है।
दंतेवाड़ा, 28 जुलाई। अपनी कुदरती खूबसूरती और घने जंगलों के लिए मशहूर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक खास प्रजाति का हिरण मिला है। जिले की बैलाडीला की पहाड़ी में दुनिया का सबसे छोटा हिरण मिला है। वन विभाग को यह जानकारी तब मिली,जब इस खास प्रजाति का एक घायल हिरण में शहरी इलाके में पहुंच गया था,जिसका इलाज करवाकर उसे बैलाडीला के जंगलो में छोड़ दिया गया था।

मिली जानकारी के मुताबिक रात्रि के वक़्त जंगल से भटकते हुए एक घायल हिरण बचेली के सुभाष नगर में आ गया था। जिसकी सूचना स्थानीय लोगों ने वन विभाग को दी। बचेली वन परिक्षेत्र अधिकारी आशुतोष मांडवा अपने दल के साथ मौके पर पहुंचे और हिरण को कार्यालय ले आये। जिसके बाद घटन की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों ने आपसी चर्चा के बाद हिरण का इलाज रायपुर जंगल सफारी के वैटनरी डॉक्टर से टेलीफोनिक चर्चा के बाद बचेली के पशु चिकित्सक से करवाया। घायल हिरन को राहत मिलते ही उसे जंगल में छोड़ दिया गया।
इलाज के दौरान वन विभाग की टीम ने हिरण की तस्वीरें भी खींची,जिसके बाद जानकारी मिली कि इंडियन माउस डियर नाम की प्रजाति का था,जो कि दुनिया का सबसे छोटा हिरण माना जाता है। इस हिरण की लंबाई 57.5 सेंटीमीटर और वजन मात्र 3 किलोग्राम के करीब होता है। जानकारों का कहना है कि यह हिरण निशाचर होता है। रात्रि के समय निकलने के कारण यह कम ही दिखाई देता है। छत्तीसगढ़ के वन विभाग के गुप्त कैमरों में भी ट्रैप कम ही हुआ है। इसके बैलाडीला में होने की सूचना अब तक नहीं थी।
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