CG: विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक कल, रेडी टू ईट को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने महिलाओं से रेडी टू ईट का काम छीनकर एक निजी कंपनी को दे दिया था। इसके बाद महिलाएं निरंतर अपने अधिकार के लिए लड़ती रहीं, किंतु सुनवाई नहीं हुई।
प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आते ही सीएम विष्णुदेव साय पूर्व सरकार के कई निर्णयों को बदलती दिख रही है। इसमें अब कंपनी के स्थान बार फिर गर्भवती माताओं और कुपोषित बच्चों को दिए जाने वाले रेडी टू ईट का काम स्व सहायता समूहों को देने की तैयारी कर ली है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि रेडी टू ईट की जिम्मेदारी महिला स्व सहायता समूहों को दिया जाना है। इस सम्बंध में टीम गठित की गई थी, जिसने रिपोर्ट सौंप दिया है। कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसे स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
मंगलवार को साय सरकार की होने वाली कैबिनेट की बैठक में रेडी टू ईट की जिम्मेदारी स्व सहायता समूह की महिलाओं को देने का फैसला लिया जा सकता है। इससे छत्तीसगढ़ की 20 हजार से अधिक महिलाओं को रेडी टू ईट का काम मिल जाएगा। प्रदेशभर में 1,786 महिला समूह हैं। ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड, केरल, उत्तर प्रदेश और गुजरात का दौरा करने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की चारों टीमों ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दिया है।
ज्ञात हो कि केंद्र सरकार का हवाला देते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने रेडी-टू-ईट योजना का संचालन महिला समूहों से लेकर राज्य बीज विकास निगम को सौंप दिया था। इससे महिलाओं के स्वजन को मिलाकर लगभग तीन लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए थे। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मोदी की गारंटी में प्रदेश में रेडी-टू-ईट को स्व सहायता समूहों को देने मुद्दा शामिल किया था। अब सरकार में आने के बाद रेडी-टू-ईट का संचालन फिर से महिला समूहों को सौंपने का निर्णय लिया गया।
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