छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना का ग्रामीणों को मिल रहा फायदा, जानिए इसके बारे में

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिलने लगी है। छत्तीसगढ़ शासन की हाट बाजार क्लिनिक योजनांतर्गत साप्ताहिक हाट बाज़ारों में डेडिकेटेड वाहनों के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में लोगों तक

रायपुर,22 अगस्त। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिलने लगी है। छत्तीसगढ़ शासन की हाट बाजार क्लिनिक योजनांतर्गत साप्ताहिक हाट बाज़ारों में डेडिकेटेड वाहनों के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की आसान पहुंच शुरू होने से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, जांच और असरकारक दवाइयों से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।

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छत्तीसगढ़ शासन की तरफ शुरू की गई मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। आदिवासी बाहुल्य कांकेर जिले में ग्रामीणों को उनके घर के आसपास ही साप्ताहिक हाट-बाजारों में स्वास्थ्य सुविधाओं का फायदा मिल रहा है। दूरस्थ एवं पहुंचविहिन क्षेत्रों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैय्या कराने के मकसद से शासन द्वारा मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना की शुरूआत 02 अक्टूबर 2019 को की गई थी। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग सभी हाट-बाजारों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
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मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत पूरे छत्तीसगढ़ में 397 डेडिकेटेड ब्राडिंग वाहन तथा चिकित्सा दलों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। वनांचलों और दूरस्थ इलाकों के हाट-बाजारों में स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमों की तरफ से अब तक 25 लाख तीन हजार 046 लोगों को इलाज उपलब्ध कराया गया है। हाट-बाजारों की क्लिनिक में पहुंचे 22 लाख 81 हजार 354 मरीजों की जांच कर मुफ्त दवाईयां दी गई हैं। प्रदेश के 1636 हाट-बाजारों में 71 हजार 640 हाट-बाजार क्लिनिक के माध्यम से लोगों को यह सुविधाएं प्रदान की गई हैं। यह आँकड़ा दिनों दन बढ़ता जा रहा है।

हाट-बाज़ारों की क्लिनिक में जरूरतमंदों को निःशुल्क उपचार, चिकित्सीय परामर्श और दवाईयां उपलब्ध कराने के साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट की तरफ से मलेरिया, एचआईव्ही, वी.डी.आर.एल., मधुमेह, एनीमिया, टीबी, कुष्ठ रोग, उच्च रक्तचाप और नेत्र विकारों की जांच की जाती है। इन क्लिनिकों में गर्भवती महिलाओं की जांच और शिशुओं का टीकाकरण भी किया जाता है।


आदिवासी अंचल में सुदूर गांवों में रहने वालों को मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना के माध्यम इ ज्यादा सुविधाएं मिली इसके लिए हर सप्ताह नेत्र सहायक के द्वारा नेत्र परीक्षण उपचार और दंत चिकित्सक द्वारा दांतों से संबंधित बीमारियों की भी जांच की जा रही है। इस तरह से मुख्यमंत्री हाटल बाजार योजना से मरीजों को बेहतर चिकित्सा परामर्श, निःशुल्क दवा वितरण समेत ही गंभीर मरीजों को उचित इलाज के लिए उच्च चिकित्सकीय संस्थाओं में रेफर भी किया जा रहा है।

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छत्तीसगढ़ का आदिवासी ग्रामीण जीवन जंगलों पर ही आश्रित रहा है। इन इलाकों में स्वास्थ व्यवस्था को लेकर पहले सुविधाएं बेहतर नहीं थीं , लेकिन बीते तीन साल में छत्तीसगढ़ सरकार की हैट बाजार क्लिनिक योजना ने जंगलो के भीतर,दूरस्थ अंचलों पैट बसी बस्तियों तक भी स्वस्थ्य सुविधाएँ पहुंचा दी हैं।छत्तीसगढ़ एक आदिवासी प्रधान प्रदेश है, जहां के 146 में 85 विकासखंड आदिवासी घोषित हैं। ऐसे में आदिवासियों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार का कार्य करना लाजमी है। हालांकि बीते साढ़े तीन वर्षों में जो परिवर्तन आया है वो पहले कभी देखने को नहीं मिल सका था । खास तौर पर आदिवासियों के स्वास्थ्य को लेकर जो परिवर्तन आया है उसकी पुष्टि केंद्र सरकार के आंकड़ों से भी हुयी है और सब कुछ मुमकिन हुआ है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशों पर चलाए जा रहे आदिवासी कल्याण की योजनाओं से। इन्हीं योजनाओं में से एक है मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना।

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