Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

यूनिसेफ की रिपोर्ट:छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में गई नवजात शिशुओं की जान !

UNICEF report: A large number of newborns lost their lives in Chhattisgarh

रायपुर ,22 फरवरी। यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में नवजात शिशुओं की सही देखभाल न हो पाने की वजह से पैदा होने के 28 दिनों के भीतर ही करीब 18000 बच्चों की मृत्यु हुई है। यूनिसेफ की यह रिपोर्ट को साल 2019 से 2021 के बीच किये गए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आधार पर तैयार की गई है। हाल ही में कवर्धा में आयोजित राज्य स्तरीय मीडिया वर्कशॉप में यूनिसेफ के छत्तीसगढ़ प्रमुख जॉब जकारिया ने यह रिपोर्ट को पेश की थी।

child

जॉब जकारिया का कहना है कि छत्तीसगढ़ में हर साल हजारों नवजात शिशुओं की मृत्यु हो रही है, लेकिन कोई चर्चा नहीं होती,जबकि केरल में एक शिशु की मौत हो जाने से राजनीतिक मामला बन जाता है।जॉब जकारिया के मुताबिक उन्होंने बीते कुछ सालों में केरल की महिलाओं और नवजात बच्चो के स्वास्थ्य पर जागरुकता लाने के लिए काफी काम किया है ।

यह भी पढ़ें मोहन मरकाम ने साधा नेताम पर निशाना, बोले- नेताम बोल रहे हैं झूठ,छत्तीसगढ़ में कुपोषण से नहीं हुई कोई मौत

यूनिसेफ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य मेंकेवल 32% माताएं ही जन्म के 1 घंटे बाद शिशु को स्तनपान करातीं हैं ,क्योंकि अस्पतालों में जन्म के तत्काल बाद ही बच्चे को मां से निगरानी के लिए दूर रखा जाता है,जिस वजह से उसे उचित समय में उसे स्तनपान का लाभ नहीं मिल पाता। माना जाता है कि जन्म के एक घंटे के अंदर ही शिशु को स्तनपान कराना उसके सही पोषण और विकास के लिए आवश्यक होता है।

यूनिसेफ और एनएफएचएस-5 रिपोर्ट के आंकड़े चिंताजनक हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 13 प्रतिशत शिशुओं का वजन जन्म के वक़्त ढ़ाई किलो से भी कम होता हैं। इसके अलावा ही करीब 26000 बच्चों कीमृत्यु एक साल के भीतर ही हो रही है। NFHS के अनुसार , छत्तीसगढ़ में मात्र 10% बच्चों को ही भरपूर भोजन मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में 35% बच्चे का कद कम हैं, जबकि में 10 लाख बच्चे बेहद ही कम वजन वाले हैं ।

यह भी पढ़ें कुपोषण के मामले में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल ने गिनाये आंकड़े,भूपेश सरकार पर दागे सवाल

यूनिसेफ और NFHS-5 की रिपोर्ट पर छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि यूनिसेफ ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की एक ही रिपोर्ट का हवाला दिया है, लेकिन यूनिसेफ ने केवल तीन साल के आंकड़ों की ही व्याख्या की है ,जबकि राज्य सरकार ने साल 2020-21 के आंकड़े साझा किए हैं, जो मृत्यु दर में गिरावट को दर्शाता है।

2020-21 के एनएफएचएस डेटा का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ सुभाष मिश्रा का कहना है कि एनएफएचएस -4 की तुलना में नवजात शिशुओं में मृत्यु दर में 23 फीसदी, शिशुओं में 18 फीसदी और पांच साल से कम उम्र के बच्चों में 22 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है ,यानि एनएफएचएस-5 की रिपोर्ट पिछली रिपोर्ट की तुलना में बेहतर है। उन्होंने कहा कि NFHS -5 में NFHS -4 की तुलना करने पर बीते पांच सालों में बच्चों की मृत्युदर में 22 फीसदी की बड़ी गिरावट रिकॉर्ड की गई है। गौरतलब है कि कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 साल 2015-2016 में हुआ था।बहरहाल इस रिपोर्ट के समाने आने के बाद इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि अगले महीने होने जा रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मुद्दा गरमा सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+