Aaj Ka Panchang: द्वितीया तिथि, आर्द्रा नक्षत्र, क्या है शुभ मुहूर्त?

Aaj Ka Panchang: पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?

Aaj Ka Panchang 16 June 2026

🌅 सौर और चंद्र क्षितिज

🌅 भोर (सूर्योदय) सुबह 05:07 🌇 गोधूलि बेला (सूर्यास्त) शाम 6:50
🌙 चंद्रोदय सुबह 6:05 बजे 🌛 चंद्रोदय 8:22 अपराह्न

✨ दैनिक ज्योतिषीय तत्व (पंचांग)

🌌 चंद्र कला (तिथि) द्वितीया 12:52 पूर्वाह्न (17 जून) तक, उसके बाद तृतीया ⭐ नक्षत्र (स्टेलर मेंशन) आर्द्रा सायं 04:12 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु
🤝 योग संयोजन वृद्धि 12:35 पूर्वाह्न (17 जून) तक, उसके बाद ध्रुव ⚙️ आधी तिथि (करण) बलव दोपहर 02:39 बजे तक, कौलव दोपहर 12:52 बजे (17 जून) तक, उसके बाद तैतिला
📅 सप्ताह का दिन मंगलवार (मंगलवार) 🌗 चंद्र चक्र (पक्ष) शुक्ल पक्ष (उज्ज्वल चरण)

🌙 कैलेंडर युग और चंद्र चक्र

🦁 विक्रम युग 2083 सिद्धार्थ 🪐 बृहस्पति ग्रह का वार्षिक चक्र सिद्धार्थी अपराह्न 03:53 बजे तक, अप्रैल 21, 2026, उसके बाद रौद्र
🏛️ शाका राष्ट्रीय युग 1948 पराभाव 📅 गुजराती वर्ष 2082 पिंगला
🌗 चंद्र माह ज्येष्ठा - (पूर्णिमंत और अमांत) ☀️ सौर कैलेंडर दिवस (प्रविष्टे) 2

👑 विक्रम संवत 2083 की दिव्य परिषद

👑 राजा बृहस्पति (Jupiter) ⚔️ कमांडर-इन-चीफ चंद्रमा
⚜️ प्रधान मंत्री (मंत्री) मंगल (Mars) 🌻 रबी फसलें (धन्यधिपति) बुध (बुद्ध)
🌾खरीफ फसलें (शस्यधिपति) बृहस्पति (Jupiter) 🌧️ मौसम और बादल भगवान चंद्रमा
💰 धन एवं वित्त के स्वामी बृहस्पति (Jupiter) 🪙 धातु और खनिज स्वामी बृहस्पति (Jupiter)
🍯 लिक्विड एंड एसेंस लॉर्ड शनि (Shani) 🍎 गार्डन और फ्रूट लॉर्ड चंद्रमा

🦁 राशि चक्र की स्थिति और चंद्र नक्षत्र

🌙 चंद्र राशि मिथुन (Gemini) ⭐ सूर्य राशि मिथुन (Gemini)
☀️ सौर नक्षत्र मृगशिरा (तीसरी तिमाही) 🐾 दैनिक तारकीय परिवर्तन आर्द्रा (द्वितीय पाद) प्रातः 05:38 बजे तक
आर्द्रा (तृतीय पाद) प्रातः 10:55 बजे तक
आर्द्रा (चतुर्थ पाद) सायं 04:12 बजे तक
पुनर्वसु (प्रथम पादा) रात्रि 09:31 बजे तक
पुनर्वसु (दूसरा पाद) 02:51 AM (17 जून) तक
पुनर्वसु (तीसरा पाद) से आगे

🍂 बदलते मौसम और संक्रांति चक्र

☀️ दोपहर का समय (मध्यना) सुबह 11:59 ⏳ दिन की अवधि (दिनों में) 13 घंटे, 42 मिनट, 35 सेकंड
🌌 रात्रिमाना की अवधि 10 घंटे, 17 मिनट, 32 सेकंड 🧭 सौर पाठ्यक्रम (अयाना) उत्तरायण (उत्तरी पारगमन) (द्रिक एवं वैदिक)
🌸 ऋतु (ऋतु) ग्रीष्मा (ग्रीष्म) (ड्रिक और वैदिक)

🟢 आशाजनक एवं शुभ घड़ी (शुभ मुहूर्त)

🌸 दिव्य घंटा (ब्रह्म मुहूर्त) सुबह 3:45 से 4:26 तक 🌄 प्रारंभिक प्रार्थना (प्रातः संध्या) सुबह 04:06 से 05:07 तक
⭐ शुभ दोपहर (अभिजीत) सुबह 11:31 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक ⚔️ विजय दिवस (विजया) दोपहर 2:16 से दोपहर 3:11 तक
🐄 शाम का गोधुली समय (गोधुली) शाम 6:49 से शाम 7:09 तक 🌇 रात्रिकालीन संध्या (सयाहना संध्या) शाम 6:50 से शाम 7:52 तक
🍯 परम अमृत कलम सुबह 7:25 से 8:50 तक 🌌 मध्यरात्रि (निशिता) रात 11:38 से 12:19 बजे तक (17 जून)
💠 ट्रिपल फॉर्च्यून (त्रि पुष्कर योग) शाम 4:12 बजे से रात 12:52 बजे तक (17 जून)

🔴 प्रतिकूल एवं सावधानीपूर्ण समय (अशुभ मुहूर्त)

🐍 राहु काल (असंगत अवधि) दोपहर 3:24 से शाम 5:07 तक 💀 मृत्यु का पुत्र (यमगंडा) सुबह 8:33 से 10:16 तक
🌀 आदल योग सुबह 5:07 बजे से शाम 4:12 बजे तक ⚡ विदाल योगा शाम 4:12 बजे से सुबह 5:08 बजे तक (17 जून)
⌛ गुलिकाई कलम सुबह 11:59 से दोपहर 1:42 तक 🚫 बाधा काल (दुर्मुहूर्तम्) सुबह 7:52 से 8:47 तक और रात 10:57 से 11:38 तक
⚠️ शून्य ऊर्जा (वरज्यम) 17 जून, सुबह 2:54 बजे से 17 जून, सुबह 4:20 बजे तक 🏹 घातक बाण (बाण मृत्यु) दोपहर 2:06 बजे से पूरी रात तक

🧭 पवित्र दिशाएँ और दिव्य निवास

🔥 अग्नि आहुति (होमाहुति) सूर्य (सूर्य की उपस्थिति) 🧭यात्रा संघर्ष (दिशा शूल) उत्तर
🌋 अग्नि निवास (अग्निवास) पाताल (निचले तल) 12:52 AM (17 जून) तक, उसके बाद पृथ्वी (धरती) 🌕 चंद्र वासा पश्चिम
🌌 राहु की स्थिति पश्चिम 🔱 भगवान शिव का निवास स्थान (शिववास) 17 जून को रात 12:52 बजे तक देवी गौरी के साथ, फिर सभा में।
🏺 पवित्र कुटिया ऊर्जा (कुंभ चक्र) पूर्व

📊 तुलनात्मक कालक्रम और युग

⏳ कलियुग वर्ष 5,127 वर्ष 📊 लाहिरी अयनांश 24.233381
📅 काली आहारगण (दिन) 1,872,742 दिन 📆 युग परिवर्तन (राटा डाई) 739,783 दिन
🌐 जूलियन कैलेंडर दिवस 3 जून, 2026 ईस्वी 🔢 एब्सोल्यूट जूलियन डे 2461207.5 दिन
🇮🇳 भारतीय राष्ट्रीय नागरिक तिथि ज्येष्ठ 26, 1948 शक 🔘 राष्ट्रीय नक्षत्र खजूर आषाढ़ 2, 1948 शक

💫 तारकीय भाग्य और चंद्र शक्ति (चंद्रबाला-ताराबाला)

🌙 चंद्रबलम (चंद्रमा की शक्ति)
अगली सुबह तक बेहद सकारात्मक उम्मीद है।
⭐ तारा शक्ति (ताराबलम)
मेष (मेष), मिथुन (मिथुन), सिंह (सिम्हा), कन्या (कन्या), धनु (धनु), और मकर (मकर)।

⚠️ विशेष सावधानी संबंधी पहलू:
वृश्चिक राशि में जन्मे जातक अष्टम चंद्र के गंभीर प्रभाव में हैं।
- यही बात विशाखा (अंतिम तिमाही), अनुराधा और ज्येष्ठा के तहत पैदा हुए लोगों पर भी लागू होती है।

🕒 दोपहर 4:12 बजे तक अनुकूल स्थिति:
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद।

🌅 अगले दिन सूर्योदय तक मौसम अनुकूल रहेगा:
भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती।

⏰ दोषमुक्त शुभ अवधियाँ और उदय राशियाँ

🏹 बाधा रहित विंडोज़ (पंचक रहित) 🪐 उदय लग्न (Udaya Lagna)
- राज पंचक: प्रातः 05:07 बजे से प्रातः 05:08 बजे तक
शुभ समय: सुबह 5:08 से 7:22 बजे तक
- चोर पंचक (बचें): प्रातः 07:22 बजे से प्रातः 09:39 बजे तक
शुभ समय: सुबह 9:39 से 11:53 बजे तक
रोग पंचक (बचने का समय): सुबह 11:53 से दोपहर 2:06 तक
शुभ समय: दोपहर 2:06 से शाम 4:12 बजे तक
- मृत्यु पंचक (बचें): शाम 04:12 बजे से शाम 04:23 बजे तक
- अग्नि पंचक (बचना): शाम 4:23 से शाम 6:40 तक
शुभ समय: शाम 6:40 से रात 8:44 बजे तक
- राज पंचक: रात्रि 08:44 बजे से रात्रि 10:29 बजे तक
शुभ मुहूर्त: रात 10:29 से 12:00 बजे तक (17 जून)
- चोर पंचक (बचें): 12:00 पूर्वाह्न से 12:52 पूर्वाह्न (17 जून)
शुभ मुहूर्त: 12:52 पूर्वाह्न से 01:28 पूर्वाह्न (17 जून)
शुभ मुहूर्त: सुबह 1:28 से 3:07 बजे तक (17 जून)
- चोर पंचक (बचें): 03:07 पूर्वाह्न से 05:08 पूर्वाह्न (17 जून)
- वृषभ (Vrishabha): 03:11 AM से 05:08 AM तक
- मिथुन राशि: सुबह 5:08 से 7:22 बजे तक
कर्क राशि: सुबह 7:22 से 9:39 तक
- सिंह राशि: सुबह 9:39 से 11:53 बजे तक
- कन्या (Kanya): सुबह 11:53 बजे से दोपहर 02:06 बजे तक
- तुला (Libra): दोपहर 2:06 से शाम 4:23 तक
वृश्चिक राशि: दोपहर 4:23 से शाम 6:40 तक
- धनु (Dhanu): शाम 06:40 बजे से रात 08:44 बजे तक
मकर राशि: रात 8:44 से 10:29 तक
- कुंभ राशि: रात 10:29 से 12:00 बजे तक (17 जून)
- मीन राशि: रात 12:00 बजे से 1:28 बजे तक (17 जून)
मेष राशि: सुबह 01:28 से 03:07 बजे तक (17 जून)

🗓️ दैनिक स्मरणोत्सव और उपवास पर्व

🎉 आज का उत्सवपूर्ण कार्यक्रम चंद्र दर्शन (नए चंद्रमा का पहला दर्शन) 🌙
📝 स्पष्टीकरण: यहाँ दी गई सभी समय सीमाएँ वाराणसी, भारत के लिए समायोजित मानक 12-घंटे के स्थानीय गणना प्रारूप में प्रस्तुत की गई हैं (स्थानीय रूप से अनिवार्य होने पर इसमें डीएसटी (DST) व्यवस्था भी शामिल है)। मध्यरात्रि के बाद दर्ज किए गए किसी भी समय को स्पष्टता के लिए अगले दिन की तिथि के साथ दर्शाया गया है। वैदिक पंचांग प्रणाली में, एक खगोलीय दिन सूर्योदय से लेकर अगले सूर्योदय तक निरंतर चलता है।

नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।

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