छत्तीसगढ़ः सुकमा में नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर 34 गांव वालों को किया रिहा, दी अंतिम चेतावनी
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने अगवा किये 7 युवकों सहित बंधक बनाए गए 34 गांव के लोगों को मंगलवार को रिहा कर दिया है। सभी लोग सकुशल अपने घर पहुंच गए। युवकों पर मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए नक्सलियों ने उन्हें आखिरी मौका देने की बात कही है। दरअसल, नक्सलियों ने उन 27 लोगों को भी बंधक बना लिया था, जो युवकों को छुड़ाने के लिए गए हुए थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तोलावर्ती में जन अदालत लगाकर गांव वालों की रिहाई की गई है।

दरअसल, बीते 18 जुलाई की रात को जगरगुंडा क्षेत्र के कुदेड़ गांव में हथियारों से लैस नक्सलियों ने 7 युवकों का अपहरण कर लिया था। इसके अगले दिन युवकों की रिहाई के लिए गांव से 14 लोग जंगल की तरफ रवाना हुए लेकिन वह भी नहीं लौटे। इसके बाद मंगलवार को दो ग्रामीणों को नक्सलियों ने वापस भेजा। उनके पास नक्सलियों द्वारा दी गई 13 लोगों के नाम की लिस्ट थी। उन सबको भी बुलाया गया। इसके बाद से 34 ग्रामीणों की कुछ भी जानकारी नहीं मिल पा रही थी। मंगलवार को मामले की सूचना पुलिस को मिली, तो गांव में फोर्स की तैनाती की गई। इसके बाद देर शाम को ग्रामीणों के लापता होने की बात की पुष्टि हुई।
बताया जा रहा है कि जिन युवकों को अगवा किया है, उनमें उईका सन्नु, उईका प्रकाश, उईका रामलाल, कारम हिरा, उईका मुकेश, तेलम प्रभात और उईका मुड़ा शामिल थे। नक्सलियों ने सभी ग्रामीणों को देर रात छोड़ दिया है। नक्सलियों ने इन सभी युवकों को पुलिस मुखबिरी को लेकर अंतिम मौका देने की बात कही है। सर्व आदिवासी समाज ने नक्सलियों से अगवा किए गए युवकों को छोड़ने की अपील की थी। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा था कि सभी ग्रामीणों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए रिहा किया जाए।












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