बढ़ गया है छत्तीसगढ़ के विधायकों का वेतन, जानिए अब कितनी है उनकी सैलरी
शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायकों के वेतन और भत्ते में बढ़ोतरी करने की स्वीकृति मिल गई है। पहले 95 हजार हर महीने विधायकों को सैलरी मिलती थी,जिसे बढ़ाकर 1.60 हजार प्रतिमाह कर दिया गया है।
रायपुर,22 जुलाई। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायकों के वेतन और भत्ते में बढ़ोतरी करने की स्वीकृति मिल गई है। पहले 95 हजार हर महीने विधायकों को सैलरी मिलती थी,जिसे बढ़ाकर 1.60 हजार प्रतिमाह कर दिया गया है।

इसके अलावा विधायकों के इलाज और टेलीफोन भत्ते में भी 5 हजार बढ़ाये गए हैं। निर्वाचन क्षेत्र के अलाउंस में भी 25000 हजार की वृद्धि की गई है। इससे पहले सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर स्थित कैबिनेट की बैठक भी हुई. गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही भूपेश कैबिनेट की बैठक में विधायकों का वेतन बढ़ाए जाने पर फैसला लिया गया था। जिसके बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन इस विधेयक को सदन में प्रस्तुत किया गया, जहां वेतन बढ़ाये जाने संबंधी विधेयक को पारित कर दिया गया।
सदन में उठा धान का मुद्दा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र तीसरा दिन भी काफी हंगामेदार रहा। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के मध्य धान के समर्थन मूल्य को लेकर बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान के समर्थन मूल्य पर केन्द्र और प्रदेश सरकारों की तरफ से जारी की गई राशि की जानकारी सदन के सामने रखी।इसके अलावा प्रश्नकाल में खराब सड़कों का प्रकरण उठा। विपक्ष के विधायकों ने कहना था कि मात्र सत्ता पक्ष के विधायकों-मंत्रियों के क्षेत्र में ही कार्य
कराया जा रहा है।
बृजमोहन ने उठाया कर्मचारियों का मुद्दा
शुक्रवार को सदन में भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विभिन्न कर्मचारी संघ द्वारा की जा रही हड़ताल का मुद्दा उठाया। उन्होने हड़ताल व महंगाई भत्ता की मांग को लेकर सदन में रखे गए स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश के कर्मचारियों का मामला उठाते हुए उनकी ग्रहिता पर चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का आलम यह है कि 3 साल से कर्मचारी लगातार हड़ताल पर है। मैं तू दुखी हूं, मेरे विधानसभा क्षेत्र में रोज पंडाल लगा रहता है, रोज रास्ता जाम रहता है, सरकार कोई निराकरण नहीं कर रही है। 1-1 लाख लोग अगर पूरे प्रदेश में हड़ताल करे, आखिर इस छ.ग. में यह क्या हो रहा है। कोई शासन चल रहा है या यह सरकार चू चू का मुरब्बा हो गई है। टी.एस. सिंहदेव ने जनघोषणा पत्र बनाया, आपके पूरी कांग्रेस पार्टी का जन घोषणा पत्र था। उसके वादे को आपने विधानसभा में आत्मसात किया है, उसे आप पूरा क्यों नहीं कर रहे हैं। आज प्रदेश के कर्मचारी डीए के लिए अपने महंगाई भत्ते के लिए हड़ताल कर रहे हैं। केन्द्र सरकार ने 34 प्रतिशत डीए दे दिया है, आप केवल 22 प्रतिशत दे रहे हैं। आखिर यह कब तक चलेगा।आज पूरे प्रदेश में स्कूली बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। कभी वहां खाना बनाने वाले रसोईया हड़ताल करते हैं तो कभी सफाई कर्मचारी हड़ताल करते हैं, कभी सहायक शिक्षक हड़ताल करते हैं। आखिर छ.ग. का भविष्य कहां जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications