रायगढ़ः कैश वैन से साढ़े 14 लाख की लूट की गुत्थी को 10 घंटे में ही फिल्मी अंदाज में पुलिस ने सुलझाया
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बिहार के रहने वाले दो बदमाशों ने शुक्रवार को दोपहर में दिनदहाड़े कैश वैन साढ़े 14 लाख की लूट की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि जिले की पुलिस की चौकसी के चलते सभी बदमाश वारदात के दस घंटे बाद ही पकड़ लिए गए। पुलिस को इनके पास से लूटे हुए सारे पैसे और हथियार बरामद हुए हैं। इन बदमाशों की गिरफ्तारी महज एक महिला के फोन कॉल से हुई है। महिला को पुलिस का मुखबिर बताया जा रहा है। लूट की वारदात के दौरान बदमाशों ने कैश वैन के ड्राइवर व गार्ड को गोली मार दी थी। इसमें ड्राइवर की मौत हो गई।

लूट की छानबीन के दौरान केराझर गांव के पास आरोपियों का लास्ट लोकेशन देखी गई थी। डीएसबी शाखा के एक सिपाही को गांव में दो संदिग्धों के देखे जाने की सूचना मिली। इस पर पुलिस ने केराझर के साथ ही आसपास के दो गांवों को टारगेट किया और हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट से लैस 50 जवानों की टीम पहुंची। तलाशी के दौरान एक मकान में बदमाश मिल गए। पुलिस को देखते ही उन्होंने पिस्टल तान दी। इस पर जवानों ने उसे धक्का देते हुए पटक दिया और पिस्टल छीन ली।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के सीवान जिले के खम्हौरी गांव निवासी सुधीर कुमार सिंह और कैमूर जिले के रामगढ़ निवासी पिंटू वर्मा के रूप में हुई है। सुधीर के पिता और भाई रायगढ़ में ही सूर्या कॉम्पलेक्स में रहते हैं। सुधीर ने बताया कि वह जब भी रायगढ़ आता तो कैश वैन को देख कर उसे करोड़पति बनने का लालच आता। 15 दिन पहले उसने लूटने का षड्यंत्र रचा और इसमें पिंटू वर्मा को भी शामिल किया। इसके लिए पिस्टल सहित बाइक का इंतजाम किया।
आरोपियों ने लूट के इरादे से 2 पिस्टल, 2 देसी कट्टा, 3 मैगजीन में 26 राउंड, 2 जिंदा कारतूस, 2 बटन चाकू का इंतजाम किया। वहीं बाइक पर बिना नंबर की प्लेट लगाई। फिर 4 दिन से कैशवैन को रेकी करते रहे। घटना के समय बदमाशों ने 6 राउंड फायरिंग भी की। इसके बाद रात को ही लूटे गए रुपयों का बंटवारा कर लिया। पुलिस ने हथियार और बाइक भी बरामद कर ली है। आरोपी सुधीर पहले भी यूनियन बैंक में लूट की नाकाम कोशिश कर चुका था।












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