OPINION: जीरो टालरेंस की नीति में छत्तीसगढ़ बना नंबर 1, CM भूपेश बघेल की अगुवाई में जनता को मिला न्याय
CHHATTISGARH: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की अगुवाई में छत्तीसगढ़ में न्याय, विश्वास और सुरक्षा के मूलमंत्र पर आगे बढ़ते हुए बीते पांच वर्षों में जीरो टालरेंस की नीति अपनायी गई है। सीएम भूपेश बघेल के निर्देशन में प्रदेश की बेसिक पुलिसिंग ने जनता का भरोसा जीता है। जीरो टालरेंस से प्रदेश में अपराधों पर अंकुश भी लगा है। जनता की भी यही राय है कि बीते 5 सालों में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनता से न्याय किया है।

महिला सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ में महिला अपराधों में 2015 से 2018 की तुलना में 2019 से अब तक 40 फीसदी की कमी आयी है। महिला सुरक्षा पर खास ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में एक बड़ी घोषणा की है जिसमें महिलाओं से दुष्कर्म के आरोपियों को शासकीय नौकरी देने पर रोक लगा दी गयी है। महिला अपराध पर अंकुश लगाने के लिए राज्य के 4 जिलों में अलग से महिला थाना की स्थापना की गयी है, जबकि 455 पुलिस थानों और चौकियों में महिला सेल का संचालन किया जा रहा है।
नक्सल वारदातों में आई कमी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ पुलिस को विशेष संबल मिला है इसी का परिणाम है कि वर्ष 2018 से लेकर वर्ष 2022 तक नक्सल वारदातों में 52 फीसदी की कमी आई है। नक्सल क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या शिक्षा की थी। नक्सलियों के द्वारा स्कूलों को निशाना बनाया गया था। नक्सली हिंसा के कारण डेढ़ दशक से बंद पड़े 314 स्कूलों का मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति से फिर से संचालन शुरू किया गया है। इसके साथ ही 589 गांव भी नक्सल मुक्त हो चुके है और 5.74 लाख से जायदा लोग हिंसा और दहशत से मुक्त हुए हैं।
आनलाइन जुआं पर कसी गई नकेल
छत्तीसगढ़ में जुआ सट्टा के असर को रोकने के लिए राज्य में जुआ प्रतिषेध अधिनियम में कड़े प्रावधानों को शामिल किया गया है, जिसमे आनलाइन जुआ के लिए भी सजा का कड़ा प्रावधान है। छत्तीसगढ़ पुलिस नशीले पदार्थों को लेकर कहस अभियान चला रही है, जिससे नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सका है। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र राज्य है, जो चिटफंड कंपनियों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवाने वालों का पैसा लौटा कर उनके साथ न्याय कर रहा है।












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