कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग पर बोले भूपेश बघेल, केंद्र ने जो रणनीति अपनाई वो फेल रही
रायपुर, जून 04। कश्मीर घाटी में हो रही टारगेट किलिंग की घटनाओं का तमाम विपक्षी दलों ने एक सुर में विरोध किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी हत्या की घटनाओं की आलोचना की है। साथ ही उन्होंने केंद्र पर निशाना साधा है। भूपेश बघेल ने कहा है कि अभी तक घाटी में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया जा रहा था, लेकिन अब हिंदू प्रवासियों को मारा जा रहा है, ऐसे में केंद्र सरकार की हर रणनीति फेल हो रही है।

कश्मीर को लेकर केंद्र की रणनीति फ्लॉप- बघेल
भूपेश बघेल ने कहा है, "पहले घाटी में कश्मीरी पंडित मारे जा रहे थे, लेकिन अब हिंदू (प्रवासी) मारे जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने जो रणनीति अपनाई, वो फेल रही है, क्योंकि घाटी में वास्तविक समस्या अभी भी बरकरार है। समस्या को हल करने के लिए इस्तेमाल किया गया तरीका असफल रहा है।"
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हत्याओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?
भूपेश बघेल ने आगे कहा है कि जब से घाटी में आर्टिकल 370 को हटाया गया है, तभी टारगेट किलिंग की घटनाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसे हटाया तो यह कहकर था कि हालात अच्छे होंगे, लेकिन अभी स्थिति अच्छी नहीं है। भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को तीन भागों में विभाजित किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से चुनी हुई सरकार को हटा दिया। राष्ट्रपति शासन भी लगाया गया, एल-जी (मनोज सिन्हा) हैं। लेकिन आज कश्मीरी पंडित मारे जा रहे हैं, कौन जिम्मेदार है? कौन जिम्मेदारी लेगा? प्रशासन और सरकार को उनकी सुरक्षा के बारे में बोलने की जरूरत है। निर्दोष हिंदुओं को मार दिया जा रहा है, जिम्मेदारी कौन लेगा?
भूपेश बघेल ने स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षा नहीं दे सकती तो आम जनता को कैसे सुरक्षित रख पाएगी?












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