Millet Mission: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में खुला मिलेट्स कैफे, महिलाओं के हाथ में संचालन

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सभी जिलो में सरकार मिलेट्स कैफे खोल रही है। यह भी जानना जरूरी है कि मोटे अनाजों के उत्पादन और उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए साल 2023 को मिलेट वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

Narayanpur: छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित क्षेत्र नारायणपुर में अब नागरिक मिलेट्स का स्वाद ले सकेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार ने यहां मिलेट मिशन के तहत मिलेट कैफे का शुरू किया है। मिलेट्स कैफे में मोटे अनाज से बनाए गए उत्पादों की बिक्री महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं करेंगी।

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छत्तीसगढ़ सरकार के उद्योग और नारायणपुर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने कुछ दिनों पहले ही जिला कार्यालय जाने वाले मार्ग पर जिला प्रशासन द्वारा बनाये गये मिलेट एवं गढ़कलेवा ''गढ़कलेवा'' स्वल्पाहार भवन का उद्घाटन किया है। लखमा का कहना है कि नारायणपुर की मां दंतेश्वरी स्व सहायता समूह द्वारा किया गया यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होने यह भी कहा कि बस्तर में उत्पादित होने वाले रागी, कोदो, कुटकी सहित अन्य मोटे अनाजों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। इस अवसर पर उन्होने इस महिला स्व सहायता समूह को मिलेट कैफे के संचालन के लिए छत्तीसगढ़ महिला कोष से एक लाख रूपये का ऋण चेक भी प्रदान किया।


गौरतलब है कि इस 'गढ़कलेवा'' में आम खान पान के अलावा मिलेट्स से बने व्यंजन जैसे रागी के अलावा अन्य मोटे अनाजो से निर्मित मुठिया, चीला, फरा, बड़ा, खुरमी, तिल लड्डू, साबूदाना खिचड़ी, रागी दोसा, लड्डू, पकौड़ा, रागी ईडली, कोदो कुटकी उपमा, खिचड़ी, कुकीज आदि खाद्य सामग्री भी उपलब्ध रहेगी। इसे कृषि विज्ञान केन्द्र के स्व सहायता महिला समूहों द्वारा संचालित किया जा रहा है।

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    छत्तीसगढ़ के अन्य जिलो में भी मिलेट्स कैफे खोले जा रहे है। इस संबंध में मोटे अनाजों के उत्पादन और उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट ईयर के रूप में मनाया जा रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रागी, कोदो, कुटकी जैसे मोटे अनाजों और लघु धान्य फसलों की पैदावार बढ़ाने, इनकी खरीदी की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करने और इनकी प्रोसेसिंग कर इन्हें शहर के बाजारों तक पहुंचाने के लिए मिशन-मिलेट शुरू किया गया है। राज्य सरकार ने कोदो, कुटकी और रागी का समर्थन मूल्य तय करने के साथ-साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दायरे में इन्हें भी शामिल किया है। मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए गौठानों में विकसित किए जा रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में मिलेट्स प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जा रहे हैं। प्रदेश के 14 जिलों को इस मिशन में शामिल किया गया है।

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