मनीष तिवारी ने Muscular Nationalism के बहाने भाजपा पर साधा निशाना, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद कम होने का किया दावा
CHHATTISGARH CONGRESS: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं का दौरा जारी है। शुक्रवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने रायपुर में एक प्रेस कांफ्रेंस करके भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा के कथित 'बलपूर्वक राष्ट्रवाद' यानी मस्कुलर नेशनलिज़्म के संबंध में बातें कहीं।

रायपुर के शंकर नगर स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि पिछले साढ़े 9 वर्ष में एनडीए की भाजपा सरकार की ओर से मस्कुलर नेशनलिज़्म शब्द का इस्तेमाल किया जाता रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जब परिस्थितियां कठिन हो जाती हैं,तब भाजपा का मस्कुलर नेशनलिज़्म कहीं दिखाई नहीं देता है। उन्होंने कतर की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि कतर में भारतीय नौसेना से सेवानृवित्त 8 अधिकारियों को मौत की सजा सुना दी गई। उन्होंने आगे कहा कि जिन नौसना अधिकारीयों को भारत ने कई बार सम्मान दिया,वह अगस्त 2022 से कतर में हिरासत में थे,उन्हें मौत की सजा सुनाई गई, यह बात सरकार के संज्ञान में लाई गई, लेकिन भारत सरकार ने उनकी रिहाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
किया भारत और चीन सीमा विवाद का ज़िक्र
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि क़तर जैसे छोटे से मुल्क ने भाजपा सरकार के मस्कुलर नेशनलिज़्म की हवा निकाकर रख दी है। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2020 से चीन भारत की सीमा घुसा हुआ है। लद्दाख की पूर्व उच्च अधिकारी ने उन्होंने पेपर लिखकर बात कही थी कि पूर्वी लद्दाख में कई 56 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में अप्रैल 2020 से पहले भारत की सेना गश्त लगाया करती थी। आज इन 56 में से केवल 26 स्थानों पर भारत की सेना जा रही है। मनीष तिवारी ने कहा कि इस विषय का छत्तीसगढ़ विधानसभा से जुड़ा संदर्भ यह है कि विकास का काम तभी हो सकता है,जब प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण अनुकूल हो।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद कम करने का दावा
जब छत्तीसगढ़ राज्य बना था,तब नक्सलवाद की समस्या 4 ब्लॉक तक सीमित थी,लेकिन भाजपा के शासनकाल में नक्सलवाद की समस्या 14 जिलों तक फ़ैल चुकी थी। उन्होंने आगे जोड़ा कि कांग्रेस के शासनकाल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संजीदा तरीके से ऐसी रणनीति अपनाई। उन्होंने सरकार की हार्ड पावर और सॉफ्ट पावर का समिश्रण बनाकर इस समस्या के ऊपर नक्सल समस्या पर काबू पाने की कोशिश की। जिसका नतीजा यह रहा है कि छत्तीसगढ़ में पिछले 5 साल में नक्सल वारदातों में 52% से ज्यादा की कमी आई है। नक्सल प्रभावित इलाकों में बंद पड़े 314 स्कूल खोले गए हैं। राशन कार्ड युद्ध स्तर पर बनाये गए और पीडीएस की दुकाने खोली गई हैं।
मनीष तिवारी ने आगे कहा कि भूपेश बघेल सरकार के कार्यों के कारण आज छत्तीसगढ़ में केवल 3 जिलों के कुछ इलाकों में नक्सलवादियों का प्रभाव बचा है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी प्रदेश तभी विकास कर सकता है,जब वहां कानून व्यवस्था दुरुस्त हो। इसलिए छत्तीसगढ़ के मतदातों से अपील करना चाहता हूँ कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को नक्सलियों ने चंद मिनटों में खत्म कर दिया था। भाजपा की सरकार में बड़े बड़े नक्सली हमले होते थे,लेकिन पिछले 5 सालों में कांग्रेस की सरकार में स्थितियां सामान्य हुई हैं। नक्सलवाद की समस्या दोबारा न पनप पाए,इसलिए छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनना जरुरी है।
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