पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ को दी बड़ी सौगात, सरगुजा में शुरू हुआ 'मां महामाया एयरपोर्ट'
Maa Mahamaya Airport Darima: पीएम नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल सरगुजा को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रविवार को छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बने मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा का हाथों से शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ के क्षेत्र क्षेत्र सरगुजा में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय रहता है। यहा अब हवाई सेवा भी शुरू हो गयी है। लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल रमेन डेका समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा एयरपोर्ट सिर्फ एक नया हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की एक प्रयास है। इस एयरपोर्ट से स्थानीय अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी और क्षेत्र के विकास के लिए नए रास्ते खुलेंगे। यह एयरपोर्ट सरगुजा के लोगों के लिए केवल यात्रा करने का नया जरिया नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक तरक्की का एक नया अध्याय है। इस एयरपोर्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्रगति को नई ऊंचाई मिलेगी।

सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि आप सभी को मां महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर के लोकार्पण के ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण की बधाई। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरगुजा संभाग के लोगों का 8 दशक पुराना एयरकनेक्टिविटी का सपना साकार हुआ है। इस एयरपोर्ट से आमजनों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी, साथ ही व्यापार व रोजगार में प्रगति होगी।
80 करोड़ की लागत बना है 'मां महामाया एयरपोर्ट;
छत्तीसगढ़ का यह नया एयरपोर्ट बेहद खास है। मां महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर में करीब 80 करोड़ की लागत से कार्य किए गए हैं। दरिमा हवाई पट्टी का निर्माण साल 1950 में हुआ था, इसे प्रारंभिक दौर में डब्ल्यूबीएम सतह से निर्मित किया गया था, जिसकी लंबाई 1200 मीटर थी। यह हवाई पट्टी अम्बिकापुर शहर से 13 किलोमीटर की दूरी पर दरिमा ग्राम में निर्मित है। इसका पूरा क्षेत्रफल 365 एकड़ है और यह हवाई पटटी समुद्र तल से 1924 फीट ऊंचाई में मौजूद है।
बढ़ाई गई रनवे की लंबाई
हवाई अड्डे के विकास के लिए 46.27 करोड़ रुपये की सरकारी स्वीकृति लोक निर्माण विभाग को जारी की गई, जिसके माध्यम से लोक निर्माण विभाग के ने दिसंबर 2021 से उन्नयन कार्य 3 सीव्हीएफआर के अनुरूप आरम्भ किया। लोक निर्माण विभाग की तरफ से अप्रैल 2023 को कार्य को पूरा कराकर लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया, जिसके माध्यम से डीजीसीए ने मई 2023 को निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पूर्ण औपचारिकताओं को पूरा करते हुए डीजीसीए ने 15 मार्च 2024 को एरोड्रम लाईसेंस जारी किया। रनवे को लंबाई को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया है ।
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