छत्तीसगढ़ः गर्भवती होने के बाद भी लोगों की सेवा करती रही नर्स, लेकिन हार गई खुद की जिंदगी से जंग
रायपुर। कोरोना काल में हम सभी के सामने कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां कोरोना वॉरियर्स ने अपने दुखों को छोड़कर लोगों की मदद की और अपनी जान गंवा दिया। ऐसा ही एक मामला सामने आया है रायपुर के कवर्धा ब्लॉक के लिमो गांव से, जहां एक कोरोना वॉरियर नर्स के जज्बे ने हर कोई उसे सलाम कर रहा है। नर्स गर्भवती होने के बावजूद भी वह लगातार लोगों की सेवा करती रही। इसके बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान मां और बच्ची दोनों ही कोरोना संक्रमित हो गईं। बच्ची को तो किसी तरह चिकिस्तकों ने बचा लिया। लेकिन नर्स जिंदगी की जंग हार गई और मौत के आगोश में समा गई।

मृतक कोरोना वॉरियर नर्स के पति भेष कुमार बंजारे ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती होने के बाद भी कोविड वार्ड में ड्यूटी करती रही। उसकी पोस्टिंग मुंगेली जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद खैरवार खुर्द लोरमी में थी। गर्भावस्था के दौरान वह ग्राम कापादाह में किराए के कमरे में अकेली रहने लगी और वहां से अस्पताल आती-जाती थी। पति भेष कुमार ने बताया कि बीते 30 अप्रैल को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो प्रभा को कवर्धा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने ऑपरेशन के जरिये एक बच्ची को जन्म दिया।
अस्पताल में रहते वक्त उसे कई बार बुखार आया। डिस्चार्ज होने पर पहुंची तो उसे खांसी भी शुरू हो गई। एंटीजन टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे कवर्धा अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उसे रायपुर रेफर किया गया, लेकिन 21 मई को उसकी मौत हो गई। पति ने बताया कि उसने कई बार प्रभा से छुट्टी लेने को कहा था, लेकिन वह तैयार ही नहीं हुई। वह कहती थी कि कमरे में बैठकर क्या करूंगी? इससे अच्छा है कि ड्यूटी करती रहूं।
वह गर्भावस्था में भी पूरे 9 महीने तक अस्पताल में ड्यूटी करती रही। जानकारी के मुताबिक, रायपुर के धरसींवा में रहने वाली प्रभा की शादी जून 2020 के दौरान लिमो निवासी भेष कुमार से हुई थी। उस वक्त लॉकडाउन था तो दोनों ने कोरोना की हर गाइडलाइन का पालन भी किया था।












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