छत्तीसगढ़ मे हुक्का बार होंगे बंद ,राष्ट्रपति से मंजूरी बाकी
रायपुर ,20 जनवरी। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने राज्य मे शराबबंदी का वादा अब तक पूरा नही कर सकी है, लेकिन छत्तीसगढ़ मे आने वाले समय मे हुक्काबार जरूर बंद हो जाएंगे। दरअसल राज्य मे हुक्का बार कारोबार को अपराध की श्रेणी मे रखने वाले विधेयक को राज्यपाल अनुसूईया उइके ने सहमति मिल गई है। राज्यपाल उईके ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद, विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, प्रदाय और वितरण का विनियमन अधिनियम के संशोधित प्रारूप पर हस्ताक्षर कर दिए है। अब इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून अस्तित्व मे आ जायेगा।

गौरतलब है कि छोटी उम्र के बच्चो मे हुक्का की लत लगने के बाद इसे गंभीर समस्या मानते हुए हाल ही मे छत्तीसगढ़ विधानसभा ने शीतकालीन सत्र मे हुक्का बार की प्रतिबंधित करने के लिए संशोधन विधेयक को पारित किया था। नए प्रावधानों के अनुसार अधिनियम मे लिखी किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति, स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से, कोई हुक्का बार नहीं खोलेगा या हुक्का बार नहीं चलाएगा या रेस्टोरेंट सहित किसी भी स्थान पर ग्राहकों को हुक्का नहीं देगा। राष्ट्रपति से अनुमोदित मिलने के बाद यह महत्त्वपूर्ण अधिनियम राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा। संशोधित कानून मे हुक्का बार संचालकों और वहां जाकर हुक्का पीने वालों के लिए सजा का भी प्रावधान रखा है। इसके अनुसार हुक्का बार संचालक तीन साल तक की जेल और 50 हजार रुपए तक जुर्माने की सजा दी जाएगी।
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हुक्का बार बंद होने की तरफ बढ़ते कदम ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ मे शराबबंदी की मांग को तेज कर दिया है। 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ मे पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था ,लेकिन सरकार बनाने के बाद अब तक शराबबंदी नहीं कर पाई है। बीते साल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने एक जनवरी 2022 से राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करवाने अशासकीय संकल्प लेकर आये थे जिसे सत्ता पक्ष से समर्थन नही मिलने पर वह खुद ही खारिज हो गया था।












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