मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- कोरोना के लिए इस बार केंद्र ने नहीं जारी किया प्रोटोकॉल, इसलिए बिगड़े हालात
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- नए कोरोना स्ट्रेन के लिए केंद्र ने नहीं जारी किया इलाज का प्रोटोकॉल, इसलिए बिगड़े हालात
रायपुर, 17 अप्रैल: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना की मौजूदा लहर से निपटने के लिए केंद्र सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। बघेल ने कहा कि जब कोरोना बीते साल फैला तो केंद्र सरकार ने इलाज का प्रोटोकाल जारी किया था, जिसके हिसाब से राज्यों ने काम किया। इस बार केंद्र की ओर से कोई प्रोटोकाल जारी नहीं किया गया। केंद्र का कोई प्रोटोकॉल जारी ना करना भी हालात के बिगड़ने की बड़ी वजह रही है क्योंकि सभी राज्य अपने हिसाब से इलाज कर रहे हैं।

भूपेश बघेल ने कहा कि इस साल कोरोना संक्रमण की दर में पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है। उन्होंने रेमडेसिविर का भी पर्याप्त स्टॉक ना होने की बात कही। ऑक्सीजन को लेकर उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम 5 हजार से ज्यादा लोगों को ऑक्सीजन दे रहे हैं। कुल 210 टन उत्पादन में 110 टन का उपयोग कर रहे हैं। सीएम ने ये भी कहा कि लॉकडाउन समस्या का हल नहीं है, बल्कि लोगों को खुद अनुशासन बनाना होगा क्योंकि लॉकडाउन अर्थव्यवस्था को तोड़ देगा।
विपक्षी भाजपा को भी दिया जवाब
कोरोना से निपटने में नाकामी के विपक्षी दल भाजपा के आरोपों पर सीएम बघेल ने कहा कि भाजपा के लोग पीएम को भी गंभीरता से नहीं लेते, पीएम के टीका उत्सव के आह्वान पर एक भी भाजपा नेता बाहर नहीं निकला। सर्वदलीय बैठक में उनके अध्यक्ष भी शामिल नहीं हुए। बघेल ने कहा- भाजपा ने पहले ताली-थाली बजवाई, मोमबत्ती जलाई, पटाखे फोड़े और अब वे गाल बजा रहे हैं। संकट का समय है वे अफ़वाह फैलाना बंद करें। आरोप लगाने से पहले आंकड़े देकर बताएं कि कौन सा भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ से बेहतर कर रहा है। भाजपा ने पहले ताली-थाली बजवाई, मोमबत्ती जलाई, पटाखे फोड़े और अब वे गाल बजा रहे हैं। संकट का समय है वे अफवाह फैलाना बंद करें। आरोप लगाने से पहले आंकड़े देकर बताएं कि कौन सा भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ से बेहतर कर रहा है।
कलेक्टरों को सीएम भूपेश बघेल का निर्देश
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए रिटायर्ड और निजी चिकित्सकों, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की सेवाएं संविदा दर पर ली जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिलों में स्थापित डेडिकेटेड हॉस्पिटल, कोविड केयर सेंटर में मेडिकल स्टाफ की भर्ती की जाए। यह नियुक्ति तीन महीने या अधिकतम कोविड संक्रमण अवधि तक की जाए।












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