Chhattisgarh: जग में सुंदर हैं दो नाम चाहे कृष्ण कहो या राम, Congress -BJP में सियासी बहस "कृष्ण" किसके?
रायपुर, 20 अगस्त। वैसे तो भारत में धर्म के नाम पर सियासत का इतिहास पुराना है। इसी अक्सर इस राजनीति का केंद्र बिंदु भगवान श्री राम और गौ माता रही हैं,लेकिन भाजपा और कांग्रेस के बीच धर्म की सियासत के बीच इस बार भगवान श्री कृष्ण की एंट्री हुई है। दरअसल छत्तीसगढ़ में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कांग्रेस सरकार की तरफ से शुरू किये गए कृष्ण कुंज इसकी वजह हैं।

राम की स्मृतियां सहेज रही भूपेश सरकार ,अब कृष्ण के नाम से योजना शुरू
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने सत्ता में काबिज होने के बाद भगवान राम के प्रसंगो की पुनः जीवित करते हुए राम गमन पथ निर्माण योजना पर काम शुरू किया। भाजपा श्रीराम के प्रति प्रेम उत्तर प्रदेश और अयोध्या तक ही सीमित रख पाई थी,लेकिन कांग्रेस ने भाजपा से उसका अहम मुद्दा छीनते हुए भगवन श्री राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में राम की स्मृतियों को सहेजना शुरू किया। बीते साल भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी जंग छिड़ी थी। सवाल था राम किसके भाजपा के या कांग्रेस के।

सीएम भूपेश के बयान के बाद शुरू हुई सियासत
इस दफा बहस श्रीराम को लेकर नहीं,बल्कि कृष्ण को लेकर हैं। शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर छत्तीसगढ़ के सीएम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृष्ण कुंज योजना की शुरुआत करते हुए कहा भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि श्रीराम और कृष्ण सबके हैं। किसी का इन पर कॉपीराइट या पेटेंट नहीं है। कृष्ण के उपदेशों को कौन नहीं मानता, बीजेपी सिर्फ वोट के लिए कृष्ण का नाम लेती है। शुक्रवार को पत्रकारों ने जन्माष्टमी के कार्यक्रम पर उन भाजपा के राम और कृष्ण से जुड़े मामलों पर सक्रियता को लेकर सवाल किया था।

अरुण साव ने दी यह प्रतिक्रिया
इधर छत्तीसगढ़ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अरुण साव ने सीएम भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि श्रीराम और श्रीकृष्ण निस्संदेह सबके हैं। लेकिन कांग्रेस के वह कभी नहीं हो सकते। साव ने कहा कि सीएम बघेल को यह याद रखना चाहिए कि कांग्रेस ने ऊपरी अदालत में बक़ायदा हलफ़नामा देकर श्रीराम को काल्पनिक बताया था। यह वही लोग हैं जिन्होंने श्रीराम सेतु को तोड़ने का खाका तैयार कर लिया था, जिन्होंने श्रीराम जन्मभूमि पर मस्जिद बनाने का वादा कर दिया था, ऐसे लोग अगर अब श्रीकृष्ण और श्रीराम पर दावा जताने आ रहे हैं, तो इनकी विवशता समझकर इन पर दया ही की जा सकती है।

कृष्ण के नाम से योजना शुरू करने तिलमिलाई भाजपा:कांग्रेस
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बीजेपी ने धर्म का उपयोग हमेशा से सांप्रदायिकता फैलाने के लिये किया। धर्म जोड़ने का काम करता है लेकिन भाजपा ने धर्म के माध्यम से नफरत फैलाई । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल धर्म का रचनात्मक उपयोग कर रहे। सही मायने में यही धर्म का मर्म है। कृष्ण कुंज योजना पूरे भारत में अभिनव योजना है। बीजेपी इसका विरोध करके छत्तीसगढ़ की संस्कृति का विरोध कर रही है। भाजपा राम, कृष्ण के नाम से योजना शुरू किये जाने से तिलमिला क्यों जाती है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि दरअसल इस प्रकार के निर्णय से बीजेपी को अपनी जमीन खिसकती नजर आती है। राम और कृष्ण छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़े हुए है।

क्या है कृष्ण कुंज
दरअसल छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने जन्माष्टमी के दिन कृष्ण-कुंज योजना शुरू की है। इसके माध्यम से 1.68 हेक्टेयर क्षेत्र में सांस्कृतिक और जीवनोपयोगी 383 वृक्षों का रोपण किया जाना तय हुआ है। कल मुख्यमंत्री ने कृष्ण-कुंज में कदंब का पौधा लगाया था । छत्तीसगढ़ में नगरीय क्षेत्रों के 162 स्थानों में विकसित कृष्ण-कुंज में बरगद, पीपल, कदंब जैसे आम, इमली, बेर, गंगा इमली, जामुन, गंगा बेर, शहतूत, तेंदू ,चिरौंजी, अनार, कैथा, नीम, गुलर, पलास, अमरूद, सीताफल, बेल, आंवला के वृक्षों का रोपण किया जा शुरू किया गया है।
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