छत्तीसगढ़ का खैरागढ़ उपचुनाव हुआ दिलचस्प, भाजपा,कांग्रेस और जोगी कांग्रेस खेल रहे हैं इन चेहरों पर दांव
Chhattisgarh's Khairagarh by-election was interesting, BJP, Congress and Jogi Congress are playing bets on these faces
रायपुर, 23 मार्च। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की खैरागढ़ विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव के लिए कांग्रेस के बाद भाजपा और जोगी कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। इस सीट से भाजपा ने कोमल जंघेल को अपना प्रत्याशी बनाया है, तो वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ यानि जोगी कांग्रेस ने नरेंद्र सोनी को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने यशोदा वर्मा के नाम की घोषणा पहले ही कर दी थी।

भाजपा ने कोमल जंघेल को उतारा पांचवी बार चुनावी मैदान में
खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने दो बार विधायक रहे कोमल जंघेल पर एक बार फिर विश्वास जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है। कोमल जंघेल को भाजपा इससे पहले 4 बार विधानसभा का टिकट दे चुकी है। 2018 में हुए चुनाव के दौरान उन्हें जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ देवव्रत सिंह ने मात्र 870 वोटों से हराया था। कोमल जंघेल को साल 2006 में हुए उपचुनाव में भी भाजपा ने मौका दिया था, तब उन्होंने खैरागढ़ के दिवंगत विधायक की पत्नी विभा सिंह को पराजित किया था।
2008 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी जीत बरकरार रखते हुए बड़ी जीत हासिल की थी। कांग्रेस और राजघराने का गढ़ माने जाने वाले खैरागढ़ में भाजपा के लिए लगातार जीत दर्ज करने के कारण उन्हें 2008 का चुनाव जीतने के बाद तत्कालीन रमन सरकार में संसदीय सचिव का पद भी दिया गया था। कोमल जंघेल खैरागढ़ सीट के लिए भाजपा की तरफ से पांचवी बार चुनाव मैदान में हैं। वह भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी हैं।

40 साल के नरेंद्र सिंह है जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी
खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के लिए काफी मायने रखता है। क्योंकि इस सीट से विधायक रहे देवव्रत सिंह ने जोगी कांग्रेस से ही चुनाव लड़कर सीट पर कब्जा किया था, इसलिए जोगी ब्रिगेड इस सीट को बरकरार रखना चाहती है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने देवव्रत सिंह की जगह भरने के लिए 40 वर्ष के स्थानीय वकील नरेंद्र सोनी को अपना प्रत्याशी बनाया है। नरेंद्र सोनी ने 7 महीने तक खैरागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल करके सुर्खियां बटोरी थीं। वह छात्र राजनीती में काफी सक्रिय रहे हैं और स्थानीय स्तर पर युवाओं के बीच अच्छी पकड़ रखते हैं।

कांग्रेस ने जताया है महिला प्रत्याशी यशोदा वर्मा पर भरोसा
वहीं खैरागढ़ उपचुनाव के लिए यशोदा वर्मा को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है। यशोदा वर्मा अपने क्षेत्र की बेहद ही प्रभावशाली नेत्री हैं। वह राजनांदगांव जिला पंचायत की पूर्व सदस्य रह चुकी हैं और मौजूदा वक्त में खैरागढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी हैं। कांग्रेस ने कुल 24 दावेदारों के बीच यशोदा वर्मा को टिकट दिया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की खैरागढ़ विधानसभा के लिए होने वाला उपचुनाव कई मायनो में खास है। 4 नवंबर 2021 को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ यानि जोगी कांग्रेस के विधायक देवव्रत सिंह के निधन हो जाने के बाद से यह सीट खाली है। खैरागढ़ विधानसभा के लिए 12 अप्रैल को मतदान और 16 अप्रैल को मतगणना होनी है। कांग्रेस, भाजपा, जोगी कांग्रेस समेत कई अन्य दल के प्रत्याशी भी इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगे।

देवव्रत सिंह के निधन के बाद से खाली है खैरागढ़ सीट
गौरतलब है कि 2018 में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ यानि जोगी कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ते हुए खैरागढ़ राजघराने के देवव्रत सिंह ने यहां से चुनाव जीता था। 4 नवम्बर 2021 को विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद से यह सीट खाली है। साल 2013 में हुए चुनाव के दौरान कांग्रेस के गिरवर जंघेल यहां से विधायक चुने गए थे, जबकि 2007 में हुए उपचुनाव और 2008 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कोमल जंघेल ने खैरागढ़ सीट जीती थी। 2006 से पहले कांग्रेस के देवव्रत सिंह ही खैरागढ़ से विधायक हुआ करते थे।












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