Chhattisgarh: दीवान पटपर और कबीर पटपर में प्रकृति का करिश्मा, यहां बंद गाड़ियां भी दौड़ती है 20 की स्पीड पर
कवर्धा जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर कुकदूर क्षेत्र के दीवान पटपर और कबीर पटपर भी कुछ इसी तरह की प्राकृतिक करिश्मे के लिए प्रसिद्ध होता जा रहा है।
कवर्धा, 25 अगस्त। छत्तीसगढ़ वैसे तो प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। लेकिन यहां प्रकृति के अजब-जगब किस्से भी हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के मैनपाट में उल्टा पानी बहुत प्रसिद्ध है। यहां गाड़ियां चढ़ाव की ओर अपने आप ही चढ़ती है। लेकिन अब कवर्धा जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर कुकदूर क्षेत्र के दीवान पटपर और कबीर पटपर भी कुछ इसी तरह की प्राकृतिक करिश्मे के लिए प्रसिद्ध होता जा रहा है। अब इसे एक पिकनिक स्पॉट के रूप में डेवलप करने की तैयारी की जा रही।

सरगुजा के मैनपाट में स्थित है उल्टा पानी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाने वाला मैनपाट के उल्टा पानी में भी कुछ इसी तरह का प्राकृतिक करिश्मा देखने को मिलता है। यहां पानी ऊंचाई की ओर चढ़ता देखा जा सकता है जबकि हमेशा पानी ऊपर से नीचे की ओर बहती है। इस जगह पर भी गाड़ियां अपने आप ढलान से ऊपर की ओर जाती है। इस स्थान की वैज्ञानिक जांच भी की गई लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे एक चुम्बकीय क्षेत्र ही माना है।

पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने की तैयारी
कुकदूर क्षेत्र के दीवान पटपर और कबीर पटपर में अब लोगों की भीड़ लगने लगी है। कुकदुर क्षेत्र में जलप्रपातों में आने वाले लोग अब यहां खासतौर पर पहुंचते हैं। जिसे देखते हुए कबीरधाम जिले के जनप्रतिनिधियों ने इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने की मांग जिला प्रशासन से की है। बहुत जल्दी से पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। जो लोगों के मनोरंजन का एक अच्छा माध्यम बनेगा।

वाहन बन्द होने पर भी चढ़ती है गाड़ी
कुछ इसी तरह का स्थान कबीरधाम(कवर्धा) जिले के पंडरिया ब्लॉक में कुकदूर क्षेत्र में भी ढूंढ निकाला गया है। जी हां पंडरिया ब्लॉक के वनांचल में कबीर पटपर नाम की जगह है जहां पर दो पहिया या चार पहिया वाहन को बंद करने के बाद भी वह ऊपर की ओर आगे बढ़ते चला जाता है। कबीर पटपर और दीवान पटपर पर इस तरह की नई खोज कुछ साल पहले ही कि गई है। जहां पर ढलान के बजाए ऊपर की ओर वाहन बढ़ते चला जाता है। वह भी जब वाहन बंद हो। कुकदूर क्षेत्र के जलप्रपातों में आने वाले पर्यटक अब इस क्षेत्र पर आकर अपनी वाहनों में यह प्रयोह करते नजर आतें हैं। और अब इस स्थान की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंच रहा हैं।

विज्ञान मानता है चुम्बकीय क्षेत्र
इस प्राकृतिक करिश्मे के मामले में साइंस के प्रोफेसर व पंडरिया शासकीय कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एसी वर्मा ने बताया कि प्राकृतिक चुंबक का स्त्रोत है, जिसके कारण ही कुछ विशेष स्थान पर किसी भी वाहन को बंद हालत में रखने पर वह अपने आप ही चढ़ान की ओर भी आगे बढ़ती जाती है। दीवान पटपर और कबीर पटपर पर इसी तरह के स्त्रोत मौजूद हैं। प्राकृतिक चुंबक जमीन के अंदर विशाल भी हो सकते और कम मात्रा में यह तो वहां की जांच करने पर ही पता चलेगा। ऐसे स्थानों में गुरुत्वाकर्षण कम लगता है।

120 मीटर तक क्षेत्र में प्राकृतिक चुबंक
जानकारों का मानना है कि इस क्षेत्र के 120 मीटर तक प्राकृतिक चुम्बकीय क्षेत्र है। जहां बंद वाहन भी चढ़ान पर आगे बढ़ती गई। प्रोफेसर ने बताया कि कबीर पटपर पर 120 मीटर तक 20 से 25 किमी प्रति घंटे के रफ्तार से वाहन चढ़ान में आगे बढ़ता है। यह स्थान ग्राम भाकुर से दो किलोमीटर दूर और सेंदूरखार जाने के रास्ते के बीच स्थित है।












Click it and Unblock the Notifications