छत्तीसगढ़ सरकार करवाएगी अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीदी मामले की जांच, सीएम भूपेश से की गई मांग
रायपुर, 01 जून। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकाॅप्टर सौदे की जांच करवा सकती है। हेलीकॉप्टर की खरीदी में हुए घोटाले के जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला और अभिषेक प्रताप सिंह ने उनके निवास स्थित कार्यालय में भेंट कर 8 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा है। सीएम भूपेश ने ज्ञापन को गंभीरता से पढ़ने के बाद निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अब इस बात के पूरे आसार हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार कभी भी इस मामले में जांच बिठा सकती है, क्योंकि कुछ दिनों सीएम बघेल ने इस बात के संकेत देते हुए कहा था कि हेलिकाॅप्टर सौदे की जांच की मांग आती है, सरकार उसपर विचार करेगी।

गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 13 मई 2022 को छत्तीसगढ़ सरकार का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। इस दुर्घटना में दो विमान चालकों की मौत हो गई थी । बताया जा रहा है कि 16 साल पुराना यह हैलीकॉप्टर अपनी तकनीकी खराबियों के कारण खतरे की घंटी बन चुका था। कई दफा यह हैलीकॉप्टर उड़ानों के दौरान खराबी प्रदर्शित कर चुका था।
दरअसल प्रदेश के जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला और अभिषेक प्रताप सिंह ने रमन सरकार के कार्यकाल में खरीदे गए अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकाॅप्टर की खरीदी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई थी कि अगस्ता हेलिकाॅप्टर शासकीय खरीदी में घोटाला किया गया है और इसका धन पनामा की किसी शेल कंपनी के खाते में जमा किया गया है। संभावना है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार मामले की जांच को लेकर आदेश जारी कर दे।
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2007 में रमन सरकार के कार्यकाल में यह अगस्ता वेस्टलैंड का AW-109 हेलिकॉप्टर खरीदा गया था। बताया जा रहा है कि यह अपने इंजन की क्षमता से अधिक उड़ान भर चुका था। इसका इंजन बदलने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही थी, लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सकी। इसी वजह से पुराने इंजन के साथ हवाई उड़ान भर रहे इस हेलीकॉप्टर को अक्सर वीआईपी दौरों से दूर रखा जाता था।
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अक्टूबर 2007 में खरीदा गया अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर अपनी खरीदी के साथ ही विवादों से जुड़ गया था। छत्तीसगढ़ की तत्कालीन भाजपा सरकार ने 65 लाख 70 हजार यूएस डॉलर की कीमत अदा करके इसे खरीदा था। सरकारी ऑडिट के दौरान राज्य के महालेखा परीक्षक ने इस खरीदी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर की खरीदी प्रक्रिया में एक मानक प्रारूप के लिए वैश्विक निविदा निकाली गई थी, जो कि सही नहीं थी। यह बात भी चर्चा में रही कि झारखंड सरकार ने ऐसा ही हेलिकॉप्टर 55 लाख 91 हजार यूएस डॉलर में खरीदा था, तो रमन सरकार ने इसे अधिक कीमत पर क्यों खरीदा। विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई थी।
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सीएम भूपेश को ज्ञापन सौंपने वाले कुणाल शुक्ला ने कहा कि विगत दिनों छत्तीसगढ़ शासन के होनहार पायलट कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा एवं डीजीसीए के ट्रेनर पायलट कैप्टन ए.पी. श्रीवास्तव पहले से इस्तेमाल किए हुए पुराने और खटारा अगुस्ता हेलीकॉप्टर खरीदी की भेंट चढ़ गए थे।यह एक प्रकार से अप्रत्यक्ष हत्या का मामला है। जिसमें दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई अन्य ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं कर सके। यह आशंका जताई जाती रही है कि सरकारी अगुस्ता हेलीकॉप्टर खरीदी में घोटाला हुआ है और यह पैसा पनामा की किसी शैल कंपनी के खाते में जमा किया गया है।
इन 8 बिंदुओ पर जांच की मांग
1 हेलीकॉप्टर की निविदा प्रक्रिया की जांच।
2. निविदाकरों के आपसी संबंध /व्यावसायिक लेनदेन की जांच।
3 अन्य राज्य सरकारों को अगुस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर में समतुल्य तकनीक के बाद प्राप्त क्रय दर की जांच।
4 अन्य कंपनी के हेलिकॉप्टर निर्माताओं को निविदा में भाग लेने से रोकने हेतु निविदा में अधिरोपित शर्त तथा बिंदुओं की जांच।
5 तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं उनके कार्यालय के भूमिका की जांच।
6 जांच की जाय जिस कंपनी/व्यक्ति/एजेंट से हेलीकॉप्टर खरीदा गया था उसकी पृष्ठभूमि तथा एविएशन के सेक्टर में उसका अनुभव क्या था?
7 छत्तीसगढ़ सरकार को अगुस्ता वेस्टलैंड का स्पेसिफिक मॉडल ही खरीदना है। यह तय करने के लिए क्या कोई समिति बनी थी अगर समिति बनी थी तो उसके सदस्य कौन कौन थे और समिति का निर्णय क्या था?इस तथ्य की जांच की जाय।
8 तकनीकी विशेषज्ञ से जांच करवाई जाए क्या छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अगुस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर ही सबसे उपयुक्त था? अगर नहीं तो फिर दूसरे हेलीकॉप्टर निर्माता कंपनियों के मॉडल पर क्यों विचार नहीं किया गया?












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