छत्तीसगढ़: सरकार की बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन पर रोक, आदेश के खिलाफ कोर्ट जाएगी भाजपा
Chhattisgarh: Ban on protests without government's permission, BJP will go to court against the order
रायपुर, 25 अप्रैल। भाजपा छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार के आदेश के खिलाफ अदालत जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ धरना, प्रदर्शन, जुलूस रैली पर रोक लगाना ठीक नहीं है। पूर्व सीएम का यह बयान राज्य के गृह विभाग की तरफ से जारी उस आदेश के संबंध में आया है ,जिसमे बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा है कि कांग्रेस सरकार की नीतियों से असंतुष्ट किसान, जनता और कर्मचारी खुलकर विरोध में खड़े हो रहे हैं, इसलिए कांग्रेस ने दमनकारी नीतियों का सहारा लेना शुरू किया है। पूर्व सीएम ने सवाल किया कि क्या यह संभव है कि जिस सरकार किन नीतियों का लोग विरोध करना चाहते हैं ,वही अपने खिलाफ धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली की अनुमति देगी । रमन सिंह ने कहा बीजेपी इस आदेश के विरुद्ध अदालत जाकर छत्तीसगढ़ की जनता, किसानों और प्रदेश के हित में काम कर रहे कर्मचारियों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से दूर किए जाने के खिलाफ संघर्ष करेगी।
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क्या कहा गया है आदेश में
दरअसल छत्तीसगढ़ के गृह विभाग ने एक आदेश जारी करके कहा है कि छत्तीसगढ़ में अब धरना,प्रदर्शन ,रैली समेत किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन से पहले सम्बंधित जिले के कलेक्टर कार्यालय में एक फॉर्म भरकर जमा करना होगा। सरकार ने इस अनुमति के लिए एक प्रारूप भी तैयार किया है। यह फार्म एसडीएम कार्यालय से धरना प्रदर्शन की अनुमति मांगते समय लिया जा सकेगा। इस फार्म के आधार पर आयोजक से पूरी जानकारी ली जाएगी कि आयोजन किस दिनांक से किस दिनांक तक चलेगा, कहां होगा, अगर रैली हुई तो उसका मार्ग क्या होगा, रैली में कौन लोग शामिल होंगे, प्रदर्शनकारी कहां से आएंगे और वह कौन सी गाड़ियों से पहुंचेंगे , पूरे आयोजन का उद्देश्य क्या है। इस तरह के 11 सवालों के प्रश्नो के साथ फॉर्म भरकर जमा करना होगा। इसके बाद जिला प्रशासन यह तय करेगा कि उसे अनुमति देनी है या नहीं। बिना परमिशन के कार्यक्रम किया तो आयोजकों पर एफआईआर की जाएगी।
कांग्रेस ने दिया यूपी का उदाहरण
इधर छत्तीसगढ़ सरकारकी तरफ से प्रदेश में धरना प्रदर्शन जुलूस रैली के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य करने का स्वागत करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बयान जारी करके कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार केकी तरफ से धरना प्रदर्शन जुलूस रैली के आयोजन में किसी भी प्रकार से प्रतिबन्ध नही लगाया गया है, बल्कि जिला प्रशासन से अनुमति लेने की पहले की व्यवस्था को सख्ती से पालन करवा रही है , तो भाजपा क्यो विरोध कर रही है? कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि जबकि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार तो इस प्रकार का आदेश पहले ही लागू कर चुकी है जिसका स्वागत बीजेपी कर रही है। बीजेपी का यही दोमुंही चाल है भाजपाशासित प्रदेशों में कोई आदेश व्यवस्था लागू हो ,तो स्वागत करती है और वही व्यवस्था गैरभाजपा शासित राज्यो में लागू हो, तो उसका विरोध करती है। ऐसे में भाजपा की मंशा पर सवाल उठता है कि वह आखिर क्यों प्रशासन से अनुमति लेकर धरना प्रदर्शन आंदोलन करने से क्यों घबरा रही है?












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