छत्तीसगढ़: जिस मुद्दे की वजह से TS सिंहदेव ने दिया था इस्तीफा, विधानसभा में उसे पूर्व सीएम रमन सिंह ने उठाया
वरिष्ठ मंत्री टी एस सिंहदेव का पंचायत मंत्री के पद से इस्तीफा देकर दिल्ली प्रवास पर चले जाना छत्तीसगढ़ की राजनीती में हलचल पैदा कर चुका है।
रायपुर, 21 जुलाई। वरिष्ठ मंत्री टी एस सिंहदेव का पंचायत मंत्री के पद से इस्तीफा देकर दिल्ली प्रवास पर चले जाना छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल पैदा कर चुका है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। गुरुवार को सत्र के दूसरे दिन भी सदन में मंत्री टीएस सिंहदेव के इस्तीफे पर गहमागहमी देखने को मिली। प्रश्नकाल शुरू होते ही बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में कहा कि पंचायत विभाग का सवाल है. पंचायत मंत्री तो इस्तीफा दे चुके हैं?

स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव नहीं थे सदन में मौजूद
मानसून सत्र के दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग से सम्बंधित सवाल पूछा गया,जिसका जवाब देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव सदन में मौजूद नहीं थे। भाजपा विधायक रजनीश सिंह के प्रश्न पर जवाब देने के लिए मंत्री मोहम्मद अकबर जवाब देने के लिए अपनी सीट से उठे ,तो बीजेपी विधायकों ने आपत्ति दर्ज कराई। सदन में गहमागहमी का माहौल थोड़ा नियंत्रित हुआ ही था कि पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने पीएम आवास योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसी प्रश्नके कारण से सिंहदेव को इस्तीफा देना पड़ा। सरकार के रुख से नाखुश भाजपा विधायकों ने सदन में खूब हो हल्ला मचाया और सदन से वॉक आउट कर दिया।

मुख्यमंत्री ने अभी टीएस सिंहदेव का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है
माहौल को भांपते हुए भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने अपने चितपरिचित अंदाज़ में सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मंत्री सिंहदेव इस्तीफा दे चुके हैं, तो उनके विभाग की जिम्मेदारी दी है? चंद्राकर की जिज्ञासा शांत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा, सदन में मंत्री सिंहदेव उपस्थित नहीं हैं ,इसलिए उनके स्थान पर अकबर को अधिकृत किया गया है। इसपर अजय चंद्राकर ने पूछा कि जो सदस्य मंत्री पद से इस्तीफा दे चुका हो ,वह किसी को जवाब देने के लिए अधिकृत कैसे कर सकता है?
विधानसभा अध्यक्ष ने जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अभी टीएस सिंहदेव का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। आगे प्रश्न के जवाब पर विस्तार देते हुए कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने सदन को बताया कि सिंहदेव ने अपनी चिट्ठी में इस्तीफा शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। इस मामले में विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने कहा कि इस मामले का निपटारा होना चाहिए, मुख्यमंत्री सदन में हैं, उनका जवाब भी आना चाहिए।

रमन सिंह ने उठाया पीएम आवास का मामला
सदन में पूर्व सीएम रमन सिंह ने प्रश्न पूछा कि पीएम आवास योजना के माध्यम से साल 2019-20 से 2022-23 तक कितने आवास मंजूर किये गए थे और कितनों में कार्य पूरा हो गया। रमन सिंह ने आगेकहा कि उनके इसी प्रश्न को लगाने के बाद मंत्री सिंहदेव को दुखी होकर इस्तीफा देना पड़ा। मंत्री ने अपने पत्र में खुद माना है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में एक ही घर नहीं बना। यह सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। विधानसभा अध्यक्ष महंत ने कहा, इसमें संशोधन कर लीजिए, सिंहदेव ने इस्तीफा नहीं दिया है।

विपक्ष ने किया वाकआउट
पूर्व सीएम रमन सिंह ने सदन में केंद्र सरकार से आए पत्रों को लहराते हुए कहा कि इन पत्रों में बार-बार पीएम आवास योजना की अनदेखी के बारे में सचेत किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने किसी पत्राचार का जवाब तक नहीं दिया। अंत में केंद्र सरकार को अपनी राशि वापस लेनी पड़ी। कांग्रेस के समय का 35 हजार आवास अभी तक पूर्ण नहीं हो सके हैं। इस सवाल पर जमकर हंगामा हुआ और सरकार के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया ।












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