छत्तीसगढ़: चिरायु योजना से 1.76 लाख बच्चों का इलाज, प्रदेश में 330 चिरायु दल कर रहे हैं काम
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ‘चिरायु' योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के एक लाख 76 हजार बच्चों का इलाज किया गया है।
रायपुर,18 सितम्बर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 'चिरायु' योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के एक लाख 76 हजार बच्चों का इलाज किया गया है। इसके तहत 18 दिसंबर 2018 से अब तक विभिन्न हृदय रोगों से पीड़ित 3081, होंठ एवं तालु की विकृति वाले 603, क्लबफुट वाले 670 और जन्मजात मोतियाबिंद से ग्रस्त 334 बच्चों का उपचार किया जा चुका है। 'चिरायु' योजना में इस वित्तीय वर्ष 2022-23 में अब तक 21 हजार 96 बच्चों का इलाज किया गया है।

बाल स्वास्थ्य की देखभाल के लिए प्रदेश भर में 330 चिरायु दल कार्यरत हैं। ये छत्तीसगढ़ भर के स्कूलों और आंगनबाड़ियों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर उनकी शारीरिक कमियों व रोगों की पहचान कर निःशुल्क इलाज की व्यवस्था करते हैं।मितानिन व एएनएम के माध्यम से भी इन बच्चों का चिन्हांकन कर चिरायु योजना के अंतर्गत पंजीयन किया जाता है। चिरायु दल द्वारा इन बच्चों की उच्च स्तरीय जांच कर अनुबंधित अस्पतालों में ऑपरेशन करवाया जाता है।
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2014 से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है। कार्यक्रम का उद्देश्य शून्य से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों में फोर-डी (4D) यानि डिफेक्ट एट बर्थ, डिसीज, डिफिसिएन्सी एंड डेवलपमेन्ट डिलेस इनक्लुडिंग डिसएबिलिटी (Defect at birth, Disease, Deficiency & Development delays including disability) की जांच कर शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना है। इसके तहत बच्चों में 44 प्रकार की बीमारियों की पहचान व जाँच कर उपचार किया जाता है। जरुरत पड़ने पर उच्च संस्थाओं में रिफर भी किया जाता है। 'चिरायु' योजना के अंतर्गत जन्म से छह सप्ताह की आयु के नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण डिलीवरी प्वाइंट के स्टॉफ द्वारा, छह सप्ताह से छह साल की आयु के बच्चों का आंगनबाड़ी केन्द्रों में और छह वर्ष से 18 वर्ष की आयु के बच्चों का शासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में चिरायु दलों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।
कई अन्य योजनाओ का भी मिल रहा है लाभ
छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने केवल बच्चों के स्वास्थ्य की फ़िक्र ही नहीं कि है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य बीमा कराना सभी नागरिकों के लिए अति आवश्यक है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना भी चला रखी की है। इस योजना में सभी छत्तीसगढ़ के राशनकार्ड धारकों को दिया किया जाता है। इस योजना को छत्तीसगढ़ विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है।
जिससे कि वह बीमारियों में होने वाले इलाज के खर्च से बच सकें। ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर किया जा सके । इस योजना के तहत राज्य के 100 फीसदी लोगों को स्वास्थ्य कवर है। इस योजना में छत्तीसगढ़ तथा राज्य के बाहर के सभी सरकारी अस्पताल, पंजीकृत निजी अस्पताल और सीजीएचएस पंजीकृत अस्पताल उपचार के लिए अधिकृत है। इस योजना के माध्यम आवेदक को छत्तीसगढ़ का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसके छत्तीसढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने कई अन्य योजनाए चला रखी हैं,जैसे हाट बाजार क्लिनिक योजना शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना भी लोगो की सेहत की फ़िक्र को कम कर रही है।
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