CG : गन्ना किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर किया प्रदर्शन, हाथियों से परेशान, अंतर राशि की मांग
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गन्ना उत्पादक किसानों ने अपने एलान के अनुसार बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने पूरे शहर में ट्रैक्टर रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
बालोद, 18 अगस्त। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गन्ना उत्पादक किसानों ने अपने एलान के अनुसार बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उनका अनोखा प्रदेशन पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा। किसानों ने पूरे शहर में ट्रैक्टर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। किसानों ने ट्रैक्टर के सामने गन्ना बांध रखा था। इस प्रदर्शन को देखने लोगों की भीड़ सड़को पर दिखी।

गन्ना किसानो ने की अंतर राशि मांग
दरअसल गन्ना उत्पादक किसानों का कहना है कि '' पिछले 2 वर्षों में प्रति क्विंटल के पर मिलने वाली अंतर की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिसके विरोध स्वरूप ट्रैक्टर रैली निकालकर प्रदर्शन किया जा रहा है। यह रैली आकर्षण पूरे जिला मुख्यालय में देखने को मिला। पूरे शहर में यह रैली चर्चा का विषय बनी रही। बालोद शहर के नया बस स्टैंड परिसर से निकली रैली का हर जगह भ्रमण कराया गया. किसानों ने किया नुक्कड़ सभा गन्ना उत्पादक किसानों ने बस स्टैंड परिसर में मंचीय कार्यक्रम के माध्यम से शासन और प्रशासन के बीच अपनी मांगों को रखा इस दौरान गन्ना उत्पादक संघ के द्वारा यह कहा गया कि किसान काफी मेहनत कर गन्ने की फसल उगाते हैं. जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग भी गन्ने को लेकर किसानों को प्रोत्साहित करते हैं। लेकिन किसानों की समस्याओं को लेकर संबंधित विभाग काफी गैर जिम्मेदार रहते हैं।

दो साल से अंतर की राशि है बकाया
गन्ना उत्पादक किसान कृष्णा राम साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि '' वर्ष 2021-22 में शक्कर कारखाने में प्रति क्विंटल 275 रुपए की दर से गन्ना खरीदा गया था। जिसका 80 रुपए प्रति क्विंटल राशि अब तक बकाया है। इसके पहले वर्ष 2020-21 में 340 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गन्ने की खरीदी की गई थी। लेकिन 14.25 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान अब तक बकाया है। कई बार मांग करने के बाद भी उन्हें अंतर की राशि का भुगतान नही किया जा था है।

गन्ना उत्पादक किसान संघ के संरक्षक छगन देशमुख ने बताया कि गन्ना उत्पादक किसानों को दो गन्ना पेराई सत्र मिलाकर कुल 3 करोड़ 24 लाख रुपए की राशि का भुगतान बकाया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूरे जिले में हाथियों का प्रभाव देखने को मिल रहा है और हाथी प्रभावित क्षेत्रों के किसान गन्ने के फसलों को बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही हैं। कई किसान तो अपनी जान तक गंवा चुके हैं. किसानों ने कहा कि 40000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के गन्ना किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।
राजीव किसान न्याय योजना में शामिल करने की मांग
गन्ना उत्पादक किसान संघ ने अपनी मांगों को रखा उन्होंने कहा कि '' धान की अंतर की राशि को एकमुश्त दिया जाना चाहिए साथ ही धान खरीदी 1 नवंबर से किया जाना चाहिए. वहीं किसानों ने गन्ने की खरीदी समर्थन मूल्य के अलावा 150 रुपए प्रति क्विंटल कर राजीव गांधी किसान नया योजना के तहत शामिल किया जाने की मांग की। इन सभी मांगों को लेकर गन्ना किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।












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