छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर CBI का छापा, महादेव बेटिंग ऐप से जुड़ा है मामला
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। बघेल के रायपुर स्थित आवास पर बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम छापेमारी करने पहुंची है। बघेल के आवास पर आईपीएस अधिकारी आरिफ शेख छापेमारी किए हैं।
बता दें सट्टेबाजी ऐप से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं पर लगातार कार्रवाई हो रही है। वहीं आज CBI ने महादेव बेटिंग ऐप मामले में अपनी जांच तेज कर दी है, जिसमें हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है।

वहीं आज सीबीआई ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रायपुर और भिलाई में कई जगहों पर छापेमारी की है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आवास भी शामिल है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई इसी तरह की कार्रवाई के बाद की गई है।
बुधवार को सुबह-सुबह सीबीआई के अधिकारी पूर्व सीएम बघेल के आवास पर पहुंचे और छापेमारे कर सामनों की जांच शुरू कर दी है।
सीबीआई छापेमारी पर क्या बोले भूपेश बघेल?
वहीं भूपेश बघेल ने इस छापेमारी के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की जिसमें उन्होंने लिखा अब CBI आई है, आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित "ड्राफ़्टिंग कमेटी" की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। उससे पूर्व ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है।
क्या है महादेव बेटिंग ऐप?
बता दें महादेव बेटिंग ऐप, जो विभिन्न खेलों और चुनावों पर अवैध सट्टेबाजी के लिए जाना जाता है, धोखाधड़ी गतिविधियों का केंद्र बन गया। ऐप की पहुंच तेजी से बढ़ी, मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ में, जहां अधिकांश खाते रजिस्ट्रेशन थे। इसने पोकर और कार्ड गेम जैसे लाइव गेम पेश किए, लेकिन यह सट्टेबाजी का पहलू था, खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और यहां तक कि चुनावों जैसे खेलों पर, जो अवैध गतिविधियों को जन्म देता था।
महादेव ऐप घोटाला क्या है?
महादेव बेटिंग ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने चलाकी से मुनाफ़े के लिए ऐप डिज़ाइन किया गया था, कमाई का 80 फीसदी हिस्सा अपने पास रखा। उन्होंने ऐप की ब्रांच को फ़्रैंचाइज़ किया, जिससे शुरू में यूजर्स को लाभ हुआ, लेकिन बाद में उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। सिस्टम एल्गोरिदम था, जिसमें 30% सट्टेबाज ही जीत सकते हैं, जिससे ऐप के मालिकों के लिए अपने अधिकांश यूजर्स की कीमत पर अत्यधिक लाभदायक मॉडल तैयार हो गया।
ED ने बड़ी मात्रा में बघेल के घर से नगदी बरामद की थी
जांच से पता चला है कि यह योजना कितनी गहरी है, क्योंकि ईडी ने पहले ही भूपेश बघेल के घर पर बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। इस बड़ी रकम की गिनती के लिए दो कैश काउंटिंग मशीनें मंगवाई गई थीं। इसके अलावा, ईडी की छापेमारी में बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े परिसरों से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए गए, जो एक अलग शराब घोटाले से जुड़े थे।












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