छत्तीसगढ़ में BJP के लिए बागी बन न जाएं मुसीबत, दंतेवाड़ा, जगदलपुर के बाद अब कोंटा सीट का रो पड़ा दावेदार

Chhattisgarh Election 2023: भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा के बाद एक के बाद एक सीटों पर दावेदारों की नाराजगी देखने को मिल रही है।

दंतेवाड़ा और जगदलपुर के बाद अब कोंटा विधानसभा क्षेत्र से भी अब चयनित प्रत्याशी के नाम पर टिकट के दावेदार ने सवाल खड़े किये हैं। बताया जाता है कि कोंटा विधानसभा से टिकट के दावेदार रहे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हूंगाराम मरकाम ने सोयम मुका को भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी बनाये जाने पर दुःख जताया है।

Chhattisgarh Election 2023

उन्होंने बीते तीन सालों तक बतौर जिलाध्यक्ष कोंटा विधानसभा क्षेत्र के हर एक गांव तक पहुंचने का दावा किया है। यही नहीं, उन्होंने क्षेत्र के अजेय विधायक व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद करने का हवाला दिया है।

मालूम हो कि बीते दिनों दंतेवाड़ा विधानसभा सीट से चैतराम अटामी को टिकट दिए जाने का विरोध करते हुए दिवंगत विधायक भीमा मंडावी की बेटी दीपा मंडावी ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए उनकी माँ ओजस्वी मंडावी को टिकट न दिए जाने पर अपना विरोध जताया था। इसी तर्ज पर अब हूंगाराम मरकाम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना विरोध जताते हुए दुःख प्रकट किया है।

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा है कि भाजपा ने पूरे प्रदेश में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की, लेकिन इस सूची में उनका नाम नहीं था। इसके बाद वे न तो रातभर सो पाए और न ही सुबह ब्रश कर पाए। उन्होंने भाजपा आलाकमान द्वारा उनके साथ भेदभाव का आरोप भी लगाया है।

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में हूंगाराम ने कहा कि वे लगातार 3 सैलून तक सुकमा जिलाध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने हर एक गांव की गली-गली तक पहुंचकर पार्टी को मजबूत करने का काम किया। इसी बीच क्षेत्र के अजेय विधायक और आबकारी मंत्री कवासी लखमा का भी डटकर विरोध किया। उन्होंने वीडियो के जरिये कहा कि उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद थी कि उनका ये परिश्रम रंग लाएगा, लेकिन भाजपा आलाकमान ने उनके साथ भेदभाव किया है।

हूंगाराम ने कहा कि आखिर उनसे कहां क्या कमी रह गई, उन्हें ये समझ नहीं आया। वीडियो के जरिये उन्होंने कहा कि वे गणित विषय में पीजी हैं। पढ़े-लिखे होने के बावजूद उन्हें टिकट देने के लायक नहीं समझा गया। उन्होंने इस बात का दावा किया है कि छिंदगढ़ व कोंटा में उनके बहुत से रिश्तेदार हैं। टिकट नहीं मिलने से रिश्तेदारों के साथ ही उनके समर्थकों में भी निराशा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ साजिश करते हुए उनकी टिकट काटी गई है।

दरअसल कोंटा विधानसभा सीट में वर्तमान में कांग्रेस के कवासी लखमा विधायक हैं। अब भाजपा इस सीट को अपने कब्जे में लेने प्रयास कर रही है। इस सीट से बीजेपी ने सलवा जुडूम काल के नेता सोयम मुका को टिकट दिया है। जिनका टिकट कटा है, वे पार्टी से नाराज चल रहे हैं।

इधर हूंगाराम मरकाम पूर्व में कांग्रेस के नेता के रूप में काम करते रहे हैं। जगदलपुर के पीजी कॉलेज से उन्होंने एनएसयूआई के साथ छात्र राजनीति की शुरुआत की और बाद में कांग्रेस में शामिल होने के बाद वे लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहे। इस दौरान वे छिंदगढ़ इलाके के सबसे बड़े कांग्रेसी नेता माने जाते रहे। बाद में करीब 5-6 साल पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा प्रवेश कर लिया, जिसके बाद वे भाजपा के लिए काम करने लगे।

उनकी सक्रियता को देखकर उन्हें सुकमा जिला भाजपा अध्यक्ष भी बनाया गया था। 3 सालों तक वे काम करते रहे, जिसके बाद प्रदेश संगठन में हुए बदलाव के बाद धनीराम बारसे को जिलाध्यक्ष बनाया गया।

संवाद सूत्र: ऋषि भटनागर, जगदलपुर/छत्तीसगढ़

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+