BJP नेताओं ने सुनी पीएम मोदी के मन की बात, कांग्रेस ने बताया आचार संहिता का उल्लंघन
Chhattisgarh Congress: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए लागू आचार संहिता के मध्य भाजपा नेताओ द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम पर आयोजन भारी पड़ सकता है। दरअसल रविवार सुबह 11 बजे पीएम मोदी के रेडियो कार्यक्रम की 106वीं कड़ी हुई। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 'मन की बात' कार्यक्रम को चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बूथ कार्यकर्ताओं के साथ सुना।

इधर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को कार्यवाही हेतु शिकायत भेजी है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने शिकायत में कहा है कि 5 राज्यों में विधानसभा के चुनाव चल रहे हैं, आदर्श आचार संहिता लागू है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री के मन की बात का रेडियो और टीवी में प्रसारण आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। पीएम ने स्पष्ट तौर पर 5 राज्यों में चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संवैधानिक पद पर रहते हुये, राजनैतिक लाभ के लिये विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण विभाग के अधीन आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के कार्यक्रम का इरादतन दुरुपयोग किया है।
कांग्रेस नेता ने अपनी शिकायत में आगे लिखा है कि बीजेपी नेताओं द्वारा चुनावी लाभ के लिए प्रधानमंत्री के मन की बात को मतदाताओं को सुनाने का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में बोजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अरुण साव समेत लगभग सभी भाजपा के प्रत्याशियों ने जनसभा आयोजित करके मन की बात का प्रसारण किया। उन्होंने आगे लिखा कि मन की बात सुनने के लिये भाजपा द्वारा आयोजित सभा में गाड़ियो में भरकर भीड़ लायी गयी, प्रधानमंत्री के मन की बात का कार्यक्रम का विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियो द्वारा प्रचार के लिये उपयोग किया गया है।
कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने आगे निवेदन किया कि प्रधानमंत्री के मन की बात के प्रसारण को सुनने सुनाने का सार्वजनिक आयोजन आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के खर्चे की राशि भाजपा के प्रत्याशियो से वसूल किया जाये और भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ के सभी 90 प्रत्याशियों के चुनावी खर्च में जोड़ा जाए और भाजपा के नेताओं के द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई की जाये।












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