Chhattisgarh: हसदेव मामले में आदिवासियों के साथ भूपेश सरकार, राजस्थान सरकार को झटका
हसदेव अरण्य वनक्षेत्र में कोयला खदान इकाई को लेकर भूपेश बघेल सरकार ने राजस्थान सरकार को तगड़ा झटका दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राजस्थान विद्युत निगम को आवंटित कोल ब्लाक की स्वीकृति निरस्त करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र
छत्तीसगढ़ के सरगुजा के हसदेव अरण्य वनक्षेत्र में कोयला खदान इकाई को लेकर भूपेश बघेल सरकार ने राजस्थान सरकार को तगड़ा झटका दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राजस्थान विद्युत निगम को आवंटित कोल ब्लाक की स्वीकृति निरस्त करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। सरकार के इस रुख को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरफ से दिया गया झटका माना जा रहा है।

कांग्रेस के जुड़े सूत्रों की मानें तो हसदेव क्षेत्र में राजस्थान सरकार के कोल इकाई की वजह से आठ विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी मतदाता प्रभावित हो रहे थे। इन सभी सीटों पर कांग्रेस के एमएलए हैं। एक वर्ष बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में संकट में नजर आ रही में दिखती 8 सीट को बचाने की कवायद में राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। ज्ञात हो कि राजस्थान में बिजली की उपलब्धता के लिए कोल ब्लाक शुरू कराने के विषय को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से रायपुर में मुलाकात भी की थी। इधर हसदेव अरण्य क्षेत्र में बीते एक वर्ष से आदिवासी कोल ब्लाक के विरोध में धरना दे रहे हैं। इससे पूर्व 300 किलोमीटर की पदयात्रा करके आदिवासियों के एक दल ने रायपुर पहुंचकर राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की थी। उस वक़्त राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने आदिवासियों के हितों को प्रभावित नहीं होने देने की बात कही थी। लेकिन कांग्रेस शासित प्रदेशों राजस्थान की बिजली को देखते हुए भूपेश सरकार ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की थी।
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