छत्तीसगढ़ में बच्चे पढ़ेंगे अटल जी की जीवनी, सरकारी दफ्तरों में भी होगी तस्वीर अनिवार्य, मिले संकेत
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दोबारा सत्ता पर काबिज होने के बाद कई बड़े परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। इन्ही बदलावों में से एक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में हो सकता है। सूत्रों की माने,तो जल्द ही छत्तीसगढ़ के तमाम सरकारी दफ्तरों में अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीरें लगाया जाना अनिवार्य किया जा सकता है। इसके अलावा उनकी जीवनी भी स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल किये जाने का प्रस्ताव है।

छत्तीसगढ़ में रमन सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त पद धारण कर चुके,भाजपा के वरिष्ठ नेता छंगन मूंदड़ा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात करके पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न छत्तीसगढ़ के निर्माता : अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी को पाठ्य पुस्तक का हिस्सा बनाए जाने की मांग की है।
इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता के तौर पर अटल जी का चित्र सभी सरकारी कार्यालयों में लगाना अनिवार्य करने की मांग भी की है। छंगन मूंदड़ा ने बताया कि उन्होंने अपनी मांगों के संबंध में लिखित पत्र सौंपा है। जिसपर उन्हें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आश्वस्त किया है कि सभी मांगो को जल्द पूरा किया जाएगा।
ज्ञात हो कि अटल बिहारी वाजयेपी की सरकार के कार्यकाल में 31 जुलाई 2000 को लोकसभा में और 9 अगस्त को राज्य सभा में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रस्ताव पर मुहर लगी थी। 4 सितंबर 2000 को भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशन के पश्चात 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ भारत के 26वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया था।
इसके पीछे अटल जी का वह वादा था ,जिसमे उन्होंने 1998-99 के आम चुनाव के दौरान रायपुर की सभा (सप्रेशाला मैदान) में जनता से वादा किया था कि आप मुझे 11 सांसद दो मैं छत्तीसगढ़ दूंगा। भाजपा ने चुनाव जीता और छत्तीसगढ़ का गठन 1 नवंबर, 2000 को हुआ। इस प्रकार यह भारत का 26वां राज्य बना।












Click it and Unblock the Notifications