MP News: छतरपुर में खाद के लिए किसानों के बीच मची भगदड़, महिला और बुजुर्ग भी भूखे-प्यासे लाइन में लगे
MP News: छतरपुर जिले में खाद लेने पहुंचे किसानों के बीच सोमवार को भगदड़ मच गई, जिसमें एक किसान घायल हो गया। हादसा तब हुआ जब किसानों ने खाद के टोकन के लिए इकट्ठा होकर अनियंत्रित तरीके से कर्मचारी को घेर लिया। इस भगदड़ के दौरान एक किसान के दाहिने पैर की दो अंगुलियां टूट गईं।
बुवाई के सीजन के चलते किसानों को खाद की जरूरत थी। पिछले एक हफ्ते से किसान खाद के लिए वेयरहाउस और दुकानों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उचित तरीके से खाद का वितरण नहीं हो रहा था। सोमवार को खाद वितरण की सूचना के बाद, किसानों ने जवाहर रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पास सुबह 8 बजे से एकत्र होना शुरू किया।

हालांकि, अधिकारियों के देर से पहुंचने पर किसानों ने 10 बजे तक इंतजार किया और फिर सड़क पर जाम लगा दिया। जब अधिकारियों ने जल्दी खाद देने का आश्वासन दिया, तब किसानों ने जाम खोला।
टोकन के लिए मची भगदड़: एक किसान घायल
टोकन बांटने के लिए जब एक कर्मचारी किसानों के बीच आया, तो सभी ने उन्हें घेर लिया, जिससे भगदड़ मच गई। इस दौरान छापर निवासी किसान लक्ष्मण सिंह के पैर पर पिलर गिर गया। उसके दाहिने पैर की दो उंगलियां टूट गई। घायल किसान सड़क पर गिर पड़ा और तत्काल सहायता की अपील की।
तहसीलदार की गाड़ी के सामने किसान ने किया विरोध प्रदर्शन
इस बीच, तहसीलदार संदीप तिवारी अपनी गाड़ी से उस रास्ते से गुजर रहे थे। जैसे ही उन्होंने देखा कि घायल किसान सड़क पर पड़ा है और उसका इलाज नहीं हो रहा, तहसीलदार ने अपनी गाड़ी रोकी और किसान को पानी पिलाया। इसके बाद किसान को रिक्शा से अस्पताल भेजा गया। हालांकि, तहसीलदार के बाद घटनास्थल से निकल गए।
किसान का आरोप: अधिकारियों की लापरवाही
घायल किसान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि वह खाद लेने के लिए छतरपुर आए थे और अधिकारियों की लापरवाही से यह हादसा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सीढ़ी पर खड़े होकर पर्ची बांटने का प्रयास किया, जिससे सीढ़ी टूट गई और वह गिर पड़े।
उनके भाई ने भी आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से खाद वितरण में गड़बड़ी हो रही थी, और लापरवाही के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी।
प्रशासन का एक्शन: जांच का आदेश
घटना के बाद तहसीलदार ने समझाइश देने के बाद प्रशासन को इस मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। किसानों की शिकायतों और लापरवाही के आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की लापरवाही और किसानों का गुस्सा
किसानों का गुस्सा अधिकारियों की लापरवाही और खाद वितरण की असुविधा को लेकर लगातार बढ़ रहा है। कई किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि खाद वितरण के केंद्रों पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही थी, जबकि वास्तविक जरूरतमंदों को कोई राहत नहीं मिल रही थी।
पिछले कुछ दिनों से खाद की भारी कमी की खबरें आ रही हैं, और किसान हर दिन खाद के लिए लंबी कतारों में खड़े रहते हैं, फिर भी उन्हें खाद नहीं मिल पाती। अधिकारियों से बार-बार मिलने के बावजूद किसान खाद के बिना ही घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
किसानों की स्थिति और प्रशासन का रुख
किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन को अपनी व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। खाद वितरण के दौरान उचित व्यवस्थाओं का न होना, किसानों की कठिनाई को और बढ़ा रहा है। यह घटना एक संकेत है कि बुवाई के समय खाद की उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाना चाहिए।
किसान संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग की है, ताकि आने वाले दिनों में खाद की सही आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और किसानों को इस तरह की अव्यवस्थाओं का सामना न करना पड़े।












Click it and Unblock the Notifications