जिन्होंने बढ़ाई देश की शान, CM हुड्डा ने उन्हें बना दिया उल्लू
चंड़ीगढ़। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया और देश के लिए मेडल लेकर आए, लेकिन हरियाणा सरकार ने इन खिलाड़ियों को बेवकूफ बना दिया। दरअसल कॉम्नवेल्थ गेम में अच्छा प्रदर्शन कर लौटे खिलाड़ियों को हरियाणा सरकार की ओर से सम्मान का चेक मिला लेकिन जब दो ने अपने लिफाफे खोले तो वे खाली निकले।

हरियाणा सरकार ने कॉमनवेल्थ गेम में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में समारोह रखा था। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भूपिन्दर सिंह हुड्डा ने खिलाड़ियों को इनाम में चेक सौंपे, लेकिन इस सम्मान समारोह के दौरान सीएम हुड्डा ने दो पदक विजेताओं को खाली लिफाफे सौंप दिए। ऐथलीट जयदप सिंह और तैराक प्रशांत ने जब अपने लिफाफे खोले तो वे खाली लिफाफे देखकर चौंक गए।
जयदीप राष्ट्रमंडल खेलों में चौथे स्थान पर रहे थे। हरियाणा सरकार ने उनका सम्मान किया, लेकिन जब उन्होंने लिफाफा खोला तो चौंक उठे। वहीं प्रशांत का चेक हरियाणा पैरालिम्पिक असोसिएशन के महासचिव गिरिराज सिंह ने लिया था। सिंह ने बताया कि प्रशांत और जयदीप ने राष्ट्रमंडल खेलों में कोई पदक नहीं जीता था लेकिन उनके प्रदर्शन को देखते हुए 5 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के लिए उनके नाम अंतिम समय पर शामिल किया गया था। इन दोनों के नाम भारतीय ओलिंपिक संघ द्वारा हरियाणा सरकार को सौंपी गई सूची से गायब थे।
सम्मान समारोह में इन्हें भी बुला कर सम्मानित किया गया और चेक सौंपे गए, लेकिन जब खुलासा हुआ तो पता चला कि उनका लिफाफा खाली था। खिलाड़ियों का अपमान मानते हुए राज्य पैरालिम्पिक संघ ने यह मामला खेल विभाग के सामने उठाया। विभाग ने उनका नाम सूची में शामिल कर लिया लेकिन लिफाफे में चेक रखना भूल गए। मामला सामने आने के बाद खेल विभाग के पुरस्कार शाखा के डेप्युटी-डायरेक्टर सुभाष शर्मा ने 10 दिनों के भीतर चेक भेजने का आश्वासन दिया है।












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