पंजाब विधानसभा चुनाव: जानिए, एक नजर में इस इलेक्शन के बारे में सबकुछ

2017 का विधानसभा चुनाव, 2012 में हुए चुनाव से अलग है। आम आदमी पार्टी की वजह से इस बार का चुनावी मुकाबला त्रिकोणात्मक हो गया है।

चंडीगढ़। पंजाब में 4 फरवरी 2017 को विधानसभा चुनाव होने हैं। अब तक हुए चुनाव में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन और कांग्रेस की टक्कर होती थी लेकिन इस बार के चुनाव में चार लोकसभा सीटें जीतनेवाली आम आदमी पार्टी भी कड़ी चुनौती दे रही है। बहुजन समाज पार्टी इस चुनाव में चौथी महत्वपूर्ण पार्टी है। नवजोत सिंह सिद्धू भी बीजेपी से अलग होकर चुनावी मैदान में हैं और वे फिलहाल कांग्रेस के साथ हैं। पंजाब में भाजपा-शिअद गठबंधन की सरकार है। पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें है। आइए, सबसे पहले जानते हैं कि अभी विधानसभा में किस पार्टी की क्या स्थिति है? Read Also: पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान

विधानसभा में किसकी क्या स्थिति है?

विधानसभा में किसकी क्या स्थिति है?

30 जनवरी, 2012 को पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए थे। इसका रिजल्ट 6 मार्च, 2012 को घोषित किया गया था जिसमें शिअद-भाजपा गठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं और प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में पंजाब में इसकी सरकार बनी।

इस चुनाव में शिरोमणि अकाली दल की 56 , भारतीय जनता पार्टी की 12 और कांग्रेस की 46 सीटों पर जीत हुई थी। बाकी 3 सीटों पर निर्दलीय कैंडिडेट्स जीते थे। पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी का अस्तित्व नहीं था जो इस बार के चुनाव में बेहद अहम किरदार में है।

पंजाब चुनाव के ये हैं बड़े प्लेयर

पंजाब चुनाव के ये हैं बड़े प्लेयर

2017 में होनेवाला पंजाब का विधानसभा चुनाव, 2012 की तुलना में बहुत अलग है। इसमें सत्तारूढ़ भाजपा-शिअद गठबंदन तो बड़ा पक्ष है ही, साथ ही राज्य में इसकी परंपरागत प्रतिद्वंद्वी रही कांग्रेस पार्टी भी बड़ी प्लेयर है। कांग्रेस, भाजपा-शिअद गठबंधन से सत्ता छीनने की कोशिशों में जोर-शोर से जुटी हुई है और इसके लिए पार्टी ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को पंजाब में तैनात किया हुआ है। इस बार आम आदमी पार्टी भी बहुत बड़ी प्लेयर है और यही इस बार के चुनाव को अलग बनाता है। आम आदमी पार्टी की वजह से पंजाब में चुनाव त्रिकोणात्मक हो गया है।

पंजाब चुनाव में इस बार के राजनीतिक समीकरण

पंजाब चुनाव में इस बार के राजनीतिक समीकरण

पंजाब के विधानसभा चुनाव में इस बार मुकाबला त्रिकोणात्मक है। शिअद-भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच हो रहे दंगल में इस बार किसकी सरकार बनेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। ओपिनियन पोल्स में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकार बनने की संभावना बताई गई है। इस बार पंजाब चुनाव में फेमस क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू भी अहम भूमिका में हैं।

भाजपा छोड़ने के बाद पहले उन्होंने आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने की कोशिश की, उसके बाद वह कांग्रेस के करीब हो गए हैं। नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू कांग्रेस में पहले ही शामिल हो चुकी हैं। अमृतसर (पूर्व) विधानसभा सीट से कांग्रेस ने सिद्धू को टिकट दिया है। अमृतसर पूर्व विधानसभा सीट से सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता था।

इस बार बसपा भी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है। 2012 के चुनाव में इसके वोट शेयर बढ़े थे और यह 2014 के नवंबर से 'पंजाब बचाओ अभियान' चला रही है।

आम आदमी पार्टी कैसे बनीं इस बार के चुनाव की अहम प्लेयर?

आम आदमी पार्टी कैसे बनीं इस बार के चुनाव की अहम प्लेयर?

2014 में पंजाब के 13 लोकसभा सीटों पर हुए चुनाव में शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी को चार-चार सीटें मिलीं। कांग्रेस को 3 और भाजपा को 2 सीटों पर जीत मिली थी।

आम आदमी पार्टी पहली बार पंजाब में लोकसभा चुनाव लड़ रही थी और इसने शानदार प्रदर्शन किया जिसके बाद यह राज्य की अहम पार्टी बन गई। आप ने जिन चार लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की है, उनके अंतर्गत 34 विधानसभा सीटें हैं। जिन लोकसभा सीटों पर आप दूसरी पोजिशन पर रही, उसके अंतर्गत 7 विधानसभा सीटें और जहां-जहां तीसरी पोजिशन पर रही, उनके अंतर्गत 73 विधानसभा सीटें हैं। इन आंकड़ों से पंजाब में आप के जनाधार का पता चलता है और इस तरह से आप ने पंजाब विधानसभा चुनाव को त्रिकोणात्मक बना दिया।

2014 के लोकसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत के मामले में भी आम आदमी पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसको कुल वोट के 24.4 प्रतिशत हासिल हुए। कांग्रेस के पक्ष में 33.10 प्रतिशत वोटिंग हुई। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के पक्ष में 26.3 प्रतिशत वोट पड़े और भाजपा का वोटिंग शेयर 8.70 प्रतिशत रहा। Read Also: 'आप' ने नवजोत सिंह सिद्धू को दिया था डिप्‍टी सीएम बनने का प्रस्‍ताव, केजरीवाल ने किया खुलासा

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