Why Silver Price Falling: चांदी अचानक क्यों हुई सस्ती है? आगे और गिरेगी या फिर होगी वापसी, अभी खरीदे या नहीं?
Why Silver Price Is Falling In Hindi: बीते कुछ दिनों से सोना और चांदी निवेशकों के लिए किसी रोलरकोस्टर राइड से कम नहीं थे। हर दिन नए रिकॉर्ड बन रहे थे और कीमतें लगातार ऊंचाई की ओर बढ़ रही थीं। लेकिन गुरुवार 22 जनवरी को तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना-चांदी में अचानक जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। एक झटके में चांदी करीब 20 हजार रुपये प्रति किलो टूट गई, जबकि सोना भी 4 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चांदी क्यों गिर रही है और क्या आगे और गिरावट आ सकती है।

MCX पर सिल्वर में बड़ा झटका (Silver Price Crash India)
सबसे पहले चांदी की बात करें। बुधवार को MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी तेज रफ्तार के साथ ₹3,25,602 प्रति किलो पर बंद हुई थी। बाजार में माहौल बेहद बुलिश था और निवेशक मान रहे थे कि कीमतें और ऊपर जाएंगी।
लेकिन गुरुवार सुबह ट्रेडिंग शुरू होते ही चांदी अचानक फिसलकर ₹3,05,753 प्रति किलो पर आ गई। इसका मतलब यह हुआ कि कुछ ही पलों में एक किलो चांदी ₹19,849 सस्ती हो गई। इतनी बड़ी गिरावट ने छोटे और बड़े, दोनों तरह के निवेशकों को चौंका दिया।
सोना भी दबाव में, तेजी पर लगा ब्रेक
चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी फीकी पड़ गई। बीते तीन कारोबारी सत्रों में सोना लगातार नए लाइफ टाइम हाई बना रहा था। बुधवार को 5 फरवरी एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर ₹1,52,862 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार को इसमें भी बिकवाली देखने को मिली और भाव गिरकर ₹1,48,777 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यानी सोना एक ही दिन में ₹4,085 प्रति 10 ग्राम तक टूट गया।
चांदी क्यों सस्ती हो रही है? असली वजह क्या है (Silver Buying Opportunity)
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक चांदी में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मुनाफावसूली है। जब किसी एसेट में बहुत तेजी से उछाल आता है और वह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाता है, तो निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली करने लगते हैं। यही सिल्वर के साथ भी हुआ।
इसके अलावा वैश्विक राजनीति से जुड़ी खबरों का भी असर पड़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र को लेकर एक संभावित समझौते का ढांचा तैयार होने की बात कही है। साथ ही उन्होंने 1 फरवरी से लगने वाले टैरिफ को फिलहाल टालने का ऐलान किया। इससे वैश्विक तनाव कुछ हद तक कम हुआ और निवेशकों ने सेफ हेवन माने जाने वाले सोना-चांदी से पैसा निकालना शुरू कर दिया।
इंटरनेशनल मार्केट का संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी दबाव में नजर आई। स्पॉट सिल्वर 1.45 प्रतिशत गिरकर 93.45 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। हालांकि सोना अभी भी मजबूत बना हुआ है और 4,800 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है। भारत में MCX पर फरवरी गोल्ड फ्यूचर करीब 0.40 प्रतिशत गिरकर ₹1,52,255 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा, जबकि मार्च सिल्वर फ्यूचर कुछ समय के लिए ₹3,19,219 प्रति किलो के आसपास रहा।
चांदी को लेकर निवेशकों को अब क्या करना चाहिए? (Should You Buy Silver Now)
एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी में आगे भी शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, खासकर अगर शेयर बाजारों में मजबूती जारी रहती है। हालांकि यह गिरावट लॉन्ग टर्म ट्रेंड को नहीं बदलती। चांदी और सोने की आगे की चाल बाजार की अस्थिरता, निवेशकों की धारणा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत और वैश्विक राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगी।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सलाह यही है कि घबराकर फैसले न लें। जिन लोगों का नजरिया लंबी अवधि का है, उनके लिए ऐसे करेक्शन मौके भी बन सकते हैं।
नोट- किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।












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