Share Market Crash: लोकसभा चुनाव की वजह से गिर रहा शेयर मार्केट? एक झटके में 7.6 लाख करोड़ स्वाहा
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रुकने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को भी ये दौर जारी रहा। गुरुवार को भी सेंसेक्स 1062 अंक गिरकर 72,404 पर बंद हुआ। इसके अलावा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी में भी 345 अंक की गिरावट आई। निफ्टी 21,957 पर बंद हुआ।
आपको बता दें कि बांबे स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2 मई के बाद से करीब 2000 प्वाइंट नीचे आ चुका है। ये गिरावट इस महीने की शुरुआत से जारी है। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2024 में कम मतदान ने दलाल स्ट्रीट के बुल्स को अपने वश में कर लिया है।

गुरुवार की इस गिरावट की वजह से निवेशकों को 7.6 लाख करोड़ रुपए से अधिक डूब गए हैं।BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 400 लाख करोड़ रुपए से नीचे गिरकर 393.34 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है। बुधवार को इन कंपनियों का मार्केट कैप 400.97 लाख करोड़ रुपए था।
आपको बता दें कि 2 मई के बाद से निवेशकों को करीब 13 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आइये समझने की कोशिश करते हैं कि इस गिरावट के कारण क्या हैं...
1. लोकसभा चुनाव
जानकारों की मानें तो लगातार तीन चरणों में हुए कम मतदान ने इस धारणा को मजबूत किया है कि कम वोटिंग से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। इस वजह से शेयर बाजार में समय से पहले मुनाफावसूली शुरू हो गई है। हालांकि जानकारों का कहना है किकम मतदान कुछ निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इससे भाजपा के सत्ता में लौटने के व्यापक रूप से अपेक्षित नतीजों पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है।
2. FII की बिक्री
FII अर्थात विदेशी संस्थागत निवेशक इस महीने भारी बिकवाली कर रहे हैं। मई 2024 में गुरुवार तक कैश सेगमेंट से विदेशी निवेशक 15,863 करोड़ रुपए बेच चुके हैं। जबकि फ्यूचर एंड ऑप्शन सेगमेंट में वे 5,292 करोड़ रुपए निकाल चुके हैं।
3. Q4 की कमाई
वित्त वर्ष 2024 के चौथी तिमाही के नतीजे जिस तरीके के आने चाहिए थे, वैसा देखने को नहीं मिला है। इसका असर भी शेयर बाजार में में देखने को मिल रहा है। मिड और स्मॉल कैप में बड़े कैप समकक्षों की तुलना में कमाई में गिरावट देखी गई है। अगले एक हफ्ते तिमाही नतीजों का मौसम भी खत्म होने वाला है। उससे पहले निवेशकों की ओर मुनाफा वसूली की जा रही है।
4. यूएस फेड की चिंताएं
हाल ही में कुछ यूएस फेड अधिकारियों की चिंताओं ने भारतीय शेयरों पर अतिरिक्त दबाव डाला है। फेड दर में कटौती में देरी को लेकर चिंता बनी हुई है। यूएस फेड द्वारा अपने रेट कट के फैसले में देरी करने और मुद्रास्फीति अभी भी आरामदायक स्तर से ऊपर होने के कारण, निवेशक जोखिम लेने से बचेंगे और ज्यादातर चुनिंदा तेजी वाले दांव का सहारा लेंगे।
5. VIX इंडेक्स में तेजी
VIX इंडेक्स में लगातार इजाफे ने नए खरीदारों के बीच भी संदेह पैदा कर दिया है, जो मौजूदा अस्थिर बाजार में पैसा लगाने से कतरा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे हम चुनाव नतीजों की तारीख के करीब आएंगे, अस्थिरता और बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी चिंताएं भी बाजार की धारणा पर असर डाल रही हैं।












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